रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग से दहशत, 12 टीमें गठित कर हमलावरों की तलाश में क्राइम ब्रांच
जुहू के हाई-प्रोफाइल इलाके में सनसनी
मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड निर्देशक और निर्माता रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हुई फायरिंग की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जिस स्थान पर यह वारदात हुई, वह मुंबई का बेहद सुरक्षित और वीआईपी इलाका माना जाता है, जहां कई फिल्मी हस्तियों के घर मौजूद हैं।
चार राउंड फायरिंग, मौके पर मची अफरा-तफरी
पुलिस के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने रोहित शेट्टी के जुहू स्थित टॉवर के बाहर चार राउंड गोलियां चलाईं। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
कोई हताहत नहीं, परिवार पूरी तरह सुरक्षित
राहत की बात यह है कि इस फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने पुष्टि की है कि रोहित शेट्टी और उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद उनके आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
इलाके की घेराबंदी, फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस, लोकल क्राइम यूनिट और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया और सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
क्राइम ब्रांच जांच में शामिल, 12 टीमें मैदान में
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई है। हमलावरों की तलाश के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
हमले का मकसद अब भी रहस्य
फिलहाल इस फायरिंग के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह घटना धमकी, रैकी या किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं थी।
क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया रोहित शेट्टी का बयान
सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच की टीम ने रोहित शेट्टी का बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या उन्हें पहले कभी कोई धमकी मिली थी या किसी व्यक्ति पर शक है, जिससे जांच को दिशा मिल सके।
बॉलीवुड सेलेब्स की सुरक्षा पर फिर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर मुंबई में फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाई-प्रोफाइल इलाके में इस तरह की फायरिंग यह संकेत देती है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।