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लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बंदूक पकड़े फोटो पोस्ट की, बोलीं– “सही गलत पहचानने की नजर भी दुरुस्त है और निशाना भी।” सोशल मीडिया पर बहस तेज…

पटना: बिहार के वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव की बेटी और पूर्व सांसद रोहिणी आचार्य ने एक तस्वीर पोस्ट कर सोशल मीडिया पर हलचल पैदा कर दी है। तस्वीर में वह एक बंदूक हथेली में पकड़े दिखाई देती हैं और उसके साथ उन्होंने टिप्पणी भी शेयर की है, जिस पर लोग अलग‑अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया से राजनीतिक बहस तक पहुंच गया है।


रोहिणी आचार्य का फोटो वायरल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर वायरल तस्वीर में रोहिणी आचार्य पिस्तौल पकड़े अपने लिए आत्मविश्वास जताती दिख रही हैं। तस्वीर में लिखा कैप्शन है — सही गलत पहचानने की नजर भी दुरुस्त है और निशाना भी।” यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और अब तक हजारों लोगों ने इसे लाइक, शेयर और कमेंट किया है।


सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

रोहिणी की इस तस्वीर पर अभी तक विभिन्न प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।
✔ कुछ लोग इसे मज़ाकिया और आत्मविश्वास भरा पोस्ट मान रहे हैं।
✔ वहीं कई यूज़र्स ने हथियार दिखाने पर चिंता जताई और कहा कि ऐसे पोस्ट से गलत संदेश जाता है।
✔ कुछ राजनीतिक टिप्पणीकारों ने इसे विवादास्पद और असामाजिक व्यवहार भी बताया है।


रोहिणी आचार्य कौन हैं?

रोहिणी आचार्य, भारतीय राजनीति में सक्रिय चेहरा हैं और वह पूर्व सांसद भी रह चुकी हैं। वे अपने पिता लालू प्रसाद यादव और परिवार की राजनीतिक विरासत के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं। इसे देखते हुए उनकी पोस्ट पर लोग राजनीतिक सन्दर्भ में भी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं।


क्या है मामला — पोस्ट का सन्दर्भ

रोहिणी की वायरल पोस्ट में जिस बंदूक का प्रयोग हुआ, उसकी प्रामाणिकता और परिस्थिति स्पष्ट नहीं हुई है —
✔ यह नकली बंदूक हो सकती है
✔ या फोटोशूट के लिए लिया गया प्रोप
✔ या व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का हिस्सा
इन सब पर लोग अपने–अपने विचार साझा कर रहे हैं। अभी तक उन्होंने किसी भी सुरक्षा या लाइसेंस से जुड़ा दावा नहीं किया है।


हथियार पोस्ट और कानून

विशेषज्ञों का कहना है कि हथियार को शोकेस करना कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर संवेदनशील मुद्दा हो सकता है। भारत में आग्नेयास्त्रों का उपयोग और प्रकाशन कठोर नियमों के अधीन हैं, और व्यक्ति को हथियार दिखाने या उन्हें प्रकट करने से पहले सुरक्षा और कायदे का ध्यान रखना आवश्यक है।


सेल्फ़‑एक्सप्रेशन बनाम जिम्मेदारी

विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया आज आत्म‑अभिव्यक्ति का मंच है, लेकिन सार्वजनिक हस्तियों को जिम्मेदारीपूर्वक भाषा और प्रतीकों का उपयोग करना चाहिए। हथियार का सन्दर्भ आज के संवेदनशील समय में गलत संदेश भी भेज सकता है, खासकर युवा और प्रभाव‑ग्रस्त वर्गों के बीच।

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