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अजमेर में रिटायर्ड बैंक अधिकारी को रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’ में, पांच दिन में ठग लिए 86.70 लाख रुपये…

राजस्थान के अजमेर से एक हैरान करने वाला साइबर अपराध सामने आया है, जहां ठगों ने एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी को “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर 86.70 लाख रुपये हड़प लिए। पांच दिन तक आरोपी खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाते रहे। यह मामला न केवल साइबर ठगी के नए तरीके को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि डर और तकनीकी भ्रम का इस्तेमाल कैसे लोगों को लाखों की ठगी में फंसा सकता है।

डिजिटल अरेस्ट का जाल: रिटायर्ड कर्मचारी बना शिकार

अजमेर निवासी रिटायर्ड बैंक अधिकारी को साइबर ठगों ने एक फर्जी कॉल के जरिए फंसाया। कॉल करने वाले ने खुद को किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताया और कहा कि उनके बैंक खाते से मनी लॉन्ड्रिंग जुड़ा मामला सामने आया है। डर और भ्रम की स्थिति में पीड़ित को वीडियो कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया, जहां उसे घर से बाहर जाने या किसी से संपर्क करने से मना कर दिया गया।

पांच दिन तक चला डिजिटल कैद का ड्रामा

ठगों ने पीड़ित को लगातार निगरानी में रखते हुए झूठे दस्तावेज और नकली पहचान पत्र दिखाए। पांच दिनों तक मोबाइल और लैपटॉप कैमरा ऑन रखवाकर उसे धमकाते रहे। इस दौरान आरोपी ने विश्वास दिलाया कि यदि वह बताए अनुसार पैसा ट्रांसफर करता है तो जांच में सहयोग माना जाएगा और उसे बरी कर दिया जाएगा।

86.70 लाख की ठगी: खाते से उड़ाए गए पैसे

भ्रमित और डरे हुए पीड़ित ने बताए गए खातों में करीब 86.70 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब ठगों का संपर्क टूट गया, तब जाकर उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की जांच और चेतावनी

अजमेर साइबर थाने ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगी के पैसे कई फर्जी खातों में ट्रांसफर किए गए, जो बाद में क्रिप्टो और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन चैनल्स में बदल दिए गए। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी स्थिति में “सरकारी जांच” या “गिरफ्तारी” के नाम पर ऑनलाइन कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें।

साइबर अपराध का नया चेहरा

“डिजिटल अरेस्ट” अब साइबर ठगों की सबसे खतरनाक चाल बन चुकी है। आरोपी सरकारी एजेंसियों के नाम का दुरुपयोग कर डर का माहौल बनाते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है—क्योंकि डिजिटल सुरक्षा की चाबी अब आपके हाथ में है।

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