रणथम्भौर सफारी में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर वन विभाग का बड़ा फैसलासवाईमाधोपुर | वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम कदम
रणथम्भौर नेशनल पार्क में सफारी पर जाने वाले पर्यटकों के लिए अब मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। वन विभाग ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की पालना में लिया है। नई व्यवस्था के तहत सफारी के दौरान पर्यटक मोबाइल फोन से फोटो, वीडियो, रील या सेल्फी नहीं बना सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत लागू हुआ निर्णय
वन विभाग के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि जंगल सफारी के दौरान ऐसी गतिविधियों पर रोक होनी चाहिए, जो वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित करती हों। रील, वीडियो और सेल्फी के लिए शोर-शराबा, वाहनों का एक जगह रुकना और जानवरों के बेहद करीब जाना नियमों का उल्लंघन माना गया है।
वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल की शांति प्राथमिक उद्देश्य
रणथम्भौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक (पर्यटन) संजीव शर्मा ने बताया कि मोबाइल फोन के कारण वन्यजीवों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पर्यटक बेहतर फोटो या वीडियो के लिए जानवरों के नजदीक जाने का प्रयास करते हैं, जिससे उनकी स्वाभाविक गतिविधियां बाधित होती हैं। यह निर्णय वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल के शांत वातावरण को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
सफारी गाड़ियों की भीड़ और अव्यवस्था पर लगेगी रोक
मोबाइल फोन के उपयोग से अक्सर एक ही स्थान पर कई सफारी गाड़ियां जमा हो जाती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनती है और वन्यजीवों को तनाव होता है। नए नियम लागू होने से सफारी संचालन अधिक सुव्यवस्थित होगा और पार्क प्रबंधन को निगरानी में भी सुविधा मिलेगी।
नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले पर्यटकों और गाइड्स के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पार्क भ्रमण के दौरान सभी को तय गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा।