राजसमंद में स्याही कांड के बाद उबाल, नगर परिषद आयुक्त के विरोध में करणी सेना सड़कों पर उतरी…
राजसमंद में नगर परिषद आयुक्त को लेकर उठा विवाद अब सड़कों से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया है। सड़क के नामकरण को लेकर हुए स्याही कांड के बाद करणी सेना ने आक्रोशित होकर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने नगर परिषद आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है।
कलेक्ट्रेट के बाहर करणी सेना का जोरदार प्रदर्शन
सोमवार को करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर एकत्र हुए और नगर परिषद आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद ने ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी करते हुए सड़क के नामकरण में मनमानी की है, जिससे जनभावनाएं आहत हुई हैं।
सड़क नामकरण से शुरू हुआ विवाद
करणी सेना का कहना है कि जिस सड़क का नाम पहले से ही महाराणा राजसिंह के नाम पर दर्ज था, उसी सड़क का नाम नगर परिषद द्वारा दोबारा बदलकर आचार्य महाश्रम मार्ग कर दिया गया। संगठन का आरोप है कि यह निर्णय बिना स्थानीय लोगों की सहमति और ऐतिहासिक संदर्भों को नजरअंदाज कर लिया गया।
बालकृष्ण स्टेडियम में हुआ स्याही कांड
इस विवाद ने उस समय उग्र रूप ले लिया, जब बालकृष्ण स्टेडियम में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद आयुक्त पर स्याही फेंक दी गई। इस घटना के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस प्रशासन को सतर्कता बढ़ानी पड़ी।
भाजपा नेता पर मामला, गिरफ्तारी के बाद जमानत
स्याही छिड़कने की घटना के बाद पुलिस ने एक भाजपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में नाराजगी और बढ़ गई।
करणी सेना का आरोप—मुकदमा झूठा
करणी सेना का कहना है कि भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह झूठा और राजनीतिक दबाव में किया गया है। संगठन का आरोप है कि असली जिम्मेदारी नगर परिषद आयुक्त की है, जिनकी वजह से यह पूरा विवाद खड़ा हुआ।
आयुक्त को निलंबित करने की मांग, ज्ञापन सौंपा जाएगा
प्रदर्शन के दौरान करणी सेना ने नगर परिषद आयुक्त को तत्काल निलंबित करने की मांग की। संगठन ने ऐलान किया कि मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर स्याही कांड में दर्ज मुकदमे को वापस लेने और दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की जाएगी।
बढ़ते विवाद से प्रशासन पर दबाव
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजसमंद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। सड़क नामकरण जैसे मुद्दे पर उपजे इस विवाद ने सामाजिक और राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।