राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही से पहले CM भजनलाल शर्मा विधायक दल की बैठक लेंगे। बजट सत्र में प्रश्नकाल, अधिसूचनाएं और रिपोर्टें पेश होंगी।
विधानसभा सत्र से पहले सरकार की रणनीतिक तैयारी
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही तीन दिन के अवकाश के बाद मंगलवार से दोबारा शुरू हो रही है। सदन की कार्रवाई से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भाजपा विधायक दल की अहम बैठक लेकर सरकार की रणनीति को अंतिम रूप देंगे।
फ्लोर मैनेजमेंट पर रहेगा खास फोकस
सुबह 10 बजे विधानसभा की सत्तापक्ष लॉबी में होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में सदन के भीतर फ्लोर मैनेजमेंट, विपक्ष की रणनीति और संभावित हंगामे से निपटने को लेकर चर्चा होगी। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ पार्टी के वरिष्ठ विधायक भी मौजूद रहेंगे।
11 बजे से शुरू होगी सदन की कार्यवाही
विधायक दल की बैठक के बाद सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी। आज के प्रश्नकाल में कुल 44 सवाल शामिल हैं, जिनमें 22 तारांकित और 22 अतारांकित प्रश्न रखे गए हैं।
इन विभागों से जुड़े होंगे सवाल
प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों के अलावा उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, संसदीय कार्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पशुपालन एवं डेयरी और वन विभाग से संबंधित मुद्दे उठाए जाएंगे।
वित्त और विनियोग लेखे होंगे पेश
प्रश्नकाल के बाद डिप्टी सीएम दीया कुमारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ओर से वर्ष 2024-25 के फाइनेंस अकाउंट्स और एप्रोप्रिएशन अकाउंट्स सदन के पटल पर रखेंगी।
अधिसूचनाओं पर होगी अहम चर्चा
इसके बाद पंचायती राज और राजस्व विभाग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण अधिसूचनाएं सदन में पेश की जाएंगी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पंचायती राज विभाग के नियमों में किए गए संशोधनों से संबंधित अधिसूचनाएं रखेंगे।
भूमि और सरकारी नियमों में बदलाव
राजस्व मंत्री हेमंत मीणा भूमि आवंटन, पेट्रोल पंप, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं और सरकारी जमीन से जुड़े नियमों में बदलाव की अधिसूचनाएं सदन में प्रस्तुत करेंगे।
वार्षिक प्रतिवेदन भी होंगे पेश
आज की कार्यवाही में कई विभागों और विश्वविद्यालयों के वार्षिक प्रतिवेदन भी रखे जाएंगे। इनमें राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा, कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर, उदयपुर, जोबनेर, कोटा, जोधपुर, मनरेगा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विश्वविद्यालय, पुलिस एवं न्याय विश्वविद्यालय और मानवाधिकार आयोग के प्रतिवेदन शामिल हैं।
विश्लेषण: सरकार क्यों है अलर्ट?
विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री की बैठक यह संकेत देती है कि सरकार सदन में विपक्ष के तीखे सवालों और संभावित टकराव को लेकर पूरी तरह सतर्क है। फ्लोर मैनेजमेंट पर जोर देकर सरकार सत्र को सुचारू और नियंत्रित ढंग से चलाने की कोशिश में है।