राजस्थान में पंचायत संरचना का बड़ा फेरबदल…
राजस्थान सरकार ने पंचायत राज व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए प्रदेशभर में पंचायत समितियों का पुनर्गठन कर दिया है। 41 में से 33 जिलों में 85 नई पंचायत समितियां बन गई हैं। कई जिलों में सीमाएं बदलीं, कुछ समितियां खत्म हुईं और कुछ के नाम तक बदल दिए गए। इस बदलाव से करीब डेढ़ हजार नए पंचायत समिति सदस्यों के पद जुड़ेंगे।
85 नई पंचायत समितियों का गठन, अब कुल संख्या 437
प्रदेश में पंचायत स्तर पर प्रशासनिक ढांचे का विस्तार करते हुए सरकार ने 85 नई पंचायत समितियां बना दी हैं। पहले यह संख्या करीब 352 थी, जो अब बढ़कर 437 पंचायत समितियां हो गई है।
इस बढ़ोतरी के बाद प्रधान, उपप्रधान और सदस्यों के रूप में लगभग 1,500 नए प्रतिनिधि चुनकर आएंगे, जिससे स्थानीय प्रशासन और मजबूत होगा।
33 जिलों में बदलाव, 8 जिलों में कोई नई समिति नहीं
राज्य के 41 में से 33 जिलों में नई पंचायत समितियां गठित की गई हैं, जबकि 8 जिलों—धौलपुर, पाली, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, झालावाड़, भरतपुर और डीग—में कोई नई समिति नहीं बनी।
लेकिन इनमें भी कुछ जिलों में सीमाएं बदली गई हैं या समितियां समाप्त की गई हैं।
पंचायत सीमाओं का बड़े स्तर पर पुनर्गठन
झालावाड़ को छोड़कर लगभग 40 जिलों में पंचायत समितियों की सीमाओं में फेरबदल किया गया है।
कई समितियों में गांवों की संख्या घटाई-बढ़ाई गई, जिसके बाद अधिकांश पंचायत समितियों का क्षेत्रफल छोटा हो गया है।
यह पुनर्गठन स्थानीय प्रशासन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जोधपुर टॉप पर: सबसे अधिक 7 नई पंचायत समितियां
नई पंचायत समितियों के गठन में जोधपुर पहले स्थान पर रहा, जहां 7 नई समितियां बनाई गईं।
इसके बाद बाड़मेर में 6, चूरू में 5, और नागौर व उदयपुर में 4-4 नई समितियां बनाई गई हैं।
इन जिलों में बड़े भौगोलिक क्षेत्र और प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखकर विस्तार हुआ है।
राजनीतिक नजरिया: प्रमुख नेताओं के जिलों में कम बदलाव
कुछ जिलों में नई पंचायत समितियों का गठन न होना राजनीतिक दृष्टि से भी देखा जा रहा है—
>झालावाड़: वसुंधरा राजे का संसदीय क्षेत्र
>धौलपुर: उनका गृह जिला
>भरतपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला
>पाली: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का जिला
>इन जिलों में या तो कोई नई समिति नहीं बनी या फिर बदलाव सीमित रहे।
>डीग, अलवर और जैसलमेर: एक खत्म, एक नाम बदला
>डीग जिले में ‘सीकरी पंचायत समिति’ को समाप्त कर दिया गया है।
>नगर पंचायत समिति का नाम बदलकर अब ‘ब्रज नगर’ कर दिया गया है।
अलवर जिले में भनोखर पंचायत समिति को पुनर्गठन के बाद समाप्त कर दिया गया है।
>जैसलमेर की ‘सम’ पंचायत समिति का नाम बदलकर ‘खुहड़ी’ कर दिया गया है।
हालांकि सीमाएं वही रहेंगी।
>ग्रामीण प्रशासन पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा
इस व्यापक पुनर्गठन से पंचायत स्तर पर शासन की पहुंच बढ़ेगी,
अधिक जनप्रतिनिधियों के जुड़ने से स्थानीय मुद्दों का समाधान तेज होगा, छोटे क्षेत्रों में विभाजन से सेवा वितरण अधिक फोकस्ड होगा। राज्य में यह अब तक का सबसे बड़ा पंचायत पुनर्गठन माना जा रहा है।