Rajasthan: निजी बस संचालकों की हड़ताल, चक्का जाम से यात्री परेशान
राजस्थान में निजी बस संचालकों ने परिवहन विभाग की नई गाइडलाइन के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी। अजमेर और चूरू सहित कई जिलों में बस संचालन ठप होने से आम जनता को यात्रा में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
हड़ताल की वजह
- बस संचालकों का आरोप है कि जिन बसों को पहले फिटनेस टेस्ट में पास किया गया, उन्हें अचानक गलत ठहराकर चालान काटा जा रहा है।
- संचालकों की मांग है कि पहले कमी की जानकारी दी जाए और सुधार का अवसर मिले, उसके बाद ही कार्रवाई हो।
- निजी बस एसोसिएशन के अनुसार, लाखों रुपये के चालान सीधे काटे जा रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
संचालकों का नुकसान
- अधिकांश बसें बैंक लोन लेकर खरीदी गई हैं।
- बस सीज होने पर:
- बैंक की किस्तें नहीं चुकाई जा सकती
- ड्राइवर और कंडक्टर को भुगतान नहीं हो पाता
- इंश्योरेंस, टैक्स और फिटनेस का खर्च लगातार जारी रहता है
- उदाहरण: जय अंबे ट्रेवल्स के संचालक विनोद नक्वाल की बस तीन महीने पहले पास होने के बावजूद 1.05 लाख रुपए का चालान काटा गया।
हड़ताल का असर
- चूरू जिले में शनिवार (24 जनवरी) को निजी बसें पूरी तरह बंद रहीं।
- यात्रियों को रोडवेज बस स्टैंड पर भीड़ और लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ा।
- अजमेर रोड स्थित निजी बस स्टैंड भी खाली और शांत रहा।
बस संचालकों की मुख्य मांगें
- फिटनेस पास बसों पर अनावश्यक चालान न काटा जाए।
- नियमों में बदलाव से पहले बस संचालकों को जानकारी और सुधार का अवसर मिले।
- लगेज कैरियर हटाने और बॉडी कोड नियमों के कारण ग्रामीण यात्रियों को सामान ले जाने में दिक्कत हो रही है।