मुख्यमंत्री आवास पर बनेगी पंचायत-निकाय चुनाव की रणनीति, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद
राजस्थान में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma मुख्यमंत्री आवास पर संगठन और सरकार के समन्वय से विस्तृत रणनीति तैयार करेंगे।
इस कड़ी में वे 16 और 18 फरवरी को भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ‘वन टू वन संवाद’ कार्यक्रम करेंगे, जिसमें बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट पर फोकस रहेगा।
बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट की तैयारी
सूत्रों के अनुसार पंचायत-निकाय चुनाव के लिए वार्डवार समीकरण, सामाजिक संरचना, पिछले चुनावों के आंकड़ों और स्थानीय मुद्दों के आधार पर अलग-अलग रणनीति बनाई जाएगी।
आईटी और डेटा आधारित चुनावी प्रबंधन को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि ग्राउंड लेवल फीडबैक के आधार पर सटीक चुनावी प्लान तैयार हो सके।
बजट घोषणाओं को चुनावी एजेंडा बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री बजट की घोषणाओं को चुनावी रणनीति से जोड़ने पर जोर दे रहे हैं। उद्देश्य यह है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका राजनीतिक प्रभाव भी दिखे।
संभागवार प्रमुख कार्यकर्ताओं को बुलाकर बजट के बिंदुवार प्रावधानों पर चर्चा होगी। जिलों और संभाग स्तर पर तैयार बजट की सरल पुस्तिका भी वितरित की जाएगी, ताकि कार्यकर्ता योजनाओं को आमजन तक प्रभावी तरीके से पहुंचा सकें।
आज बीकानेर-जोधपुर संभाग के कार्यकर्ताओं से संवाद
सोमवार (16 फरवरी) को बीकानेर और जोधपुर संभाग के प्रमुख कार्यकर्ताओं से संवाद कार्यक्रम रखा गया है। इससे पहले प्रदेशभर में बजट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा चुकी हैं।
अब पार्टी संगठन के भीतर सीधे संवाद के जरिए चुनावी तैयारी को अंतिम रूप देने की कवायद की जा रही है।
ये वरिष्ठ नेता रहेंगे मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और अशोक परनामी, धरोहर संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार लखावत और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
इसे संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
2028 के बड़े लक्ष्य की पृष्ठभूमि?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत और निकाय चुनाव की यह रणनीति सिर्फ स्थानीय चुनाव तक सीमित नहीं है। यह कवायद 2028 के विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि भी तैयार कर रही है।
पार्टी चरणबद्ध बैठकों के जरिए जिलाध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर रही है, ताकि चुनावी मशीनरी को समय रहते सक्रिय किया जा सके।
संगठनात्मक मजबूती से चुनावी धार
मुख्यमंत्री आवास पर होने वाले संवाद कार्यक्रम यह संकेत देते हैं कि भाजपा बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। बजट और विकास कार्यों को राजनीतिक नैरेटिव में बदलने की कोशिश भी साफ दिखाई देती है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह माइक्रो मैनेजमेंट और सीधा संवाद मॉडल जमीनी स्तर पर कितना असर डालता है।