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Rajasthan Panchayat Chunav 2026: राजस्थान में पंचायत चुनावों की तैयारी तेज, 25 फरवरी के बाद कभी भी लग सकती है आचार संहिता…

राजस्थान में ग्रामीण सत्ता की तस्वीर बदलने वाली बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। संकेत साफ हैं कि 25 फरवरी के बाद किसी भी दिन चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है, जिसके साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इससे पहले सभी विभागों और राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर भी सख्ती बढ़ेगी।


मार्च में हो सकते हैं पंचायत चुनाव

राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार पंचायत चुनाव मार्च महीने में कराए जाने की पूरी संभावना है। आयोग चुनाव कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से जारी कर सकता है, ताकि प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं सुचारू रूप से की जा सकें। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक राजनीतिक सरगर्मी तेज हो जाएगी।


ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 14,635

राज्य में हालिया पुनर्गठन के बाद पंचायतों का दायरा काफी बढ़ गया है। 3,441 नई ग्राम पंचायतों के गठन के साथ अब राजस्थान में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या 14,635 हो चुकी है। इस बदलाव का सीधा असर ग्रामीण प्रतिनिधित्व पर पड़ेगा, क्योंकि अब अधिक गांवों को अलग-अलग पंचायतों के जरिए सीधा प्रशासनिक ढांचा मिलेगा।


45,000 से ज्यादा नए वार्ड, एक लाख से अधिक वार्ड पंच

पुनर्गठन के बाद पंचायतों में 45,000 से अधिक नए वार्ड बनाए गए हैं। इसके चलते वार्ड पंचों के पदों की संख्या भी एक लाख से अधिक हो गई है। इसका मतलब यह है कि इस बार पंचायत चुनावों में रिकॉर्ड संख्या में जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे। इससे जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक भागीदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।


14,635 सरपंच पदों पर होगा चुनाव

इस बार पंचायत चुनावों में 14,635 सरपंच पदों पर भी मतदान होगा। सरपंच ग्रामीण विकास की सबसे अहम कड़ी माने जाते हैं, ऐसे में इन पदों के लिए मुकाबला काफी रोचक और कड़ा रहने की संभावना है। कई इलाकों में राजनीतिक दलों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार भी बड़ी संख्या में मैदान में उतर सकते हैं।


8 नए जिला परिषद, 85 नई पंचायत समितियां

राज्य सरकार द्वारा किए गए पुनर्गठन के तहत 8 नए जिला परिषद और 85 नई पंचायत समितियों का गठन किया गया है। इसके बाद अब राजस्थान में कुल 41 जिला परिषद और 450 पंचायत समितियां हो गई हैं। नई बनी सभी इकाइयों में पहली बार एक साथ चुनाव कराए जाएंगे, जिससे प्रशासन और निर्वाचन आयोग के लिए यह एक बड़ा आयोजन होगा।


400 से ज्यादा पंचायत समितियों में प्रधान चुनाव

450 पंचायत समितियों में से करीब 400 पंचायत समितियों में पंचायत समिति सदस्यों और प्रधान पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। प्रधान पद को लेकर स्थानीय राजनीति में पहले से ही जोड़-तोड़ और रणनीतियां शुरू हो चुकी हैं। कई क्षेत्रों में राजनीतिक दलों ने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन भी तेज कर दिया है।


आचार संहिता से पहले तेज होंगी राजनीतिक गतिविधियां

25 फरवरी के बाद जैसे ही चुनाव कार्यक्रम घोषित होगा, पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद नई घोषणाओं, तबादलों और सरकारी योजनाओं की घोषणाओं पर रोक लग जाएगी। इसलिए राजनीतिक दल और सरकार, दोनों ही आचार संहिता से पहले अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

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