राजस्थान: युवती की लाज बचाने पर युवक को चलती ट्रेन से फेंकने का सनसनीखेज मामला…..
खाटू श्याम जी के दर्शन कर लौट रहे मध्यप्रदेश के युवक अरविंद केवट पर एक दरिंदेपन की सज़ा लगाई गई। युवक ने ट्रेन में एक युवती के सम्मान की रक्षा की कोशिश की, लेकिन बदले की भावना से भरे युवकों ने उसे चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता और यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करती है।
ट्रेन यात्रा हुई भयावह: धार्मिक यात्रा बदल गई हादसे में
अरविंद केवट (33) अपने बहन के साथ 14 जनवरी को धार्मिक यात्रा पर निकले थे। खाटू श्याम जी के दर्शन के बाद जब वे दयोदय एक्सप्रेस से घर लौट रहे थे, तब उनकी यात्रा जीवनभर के लिए भयावह याद बन गई।
यात्रा के दौरान उनकी बहन अलग डिब्बे में बैठ गई थी। उसी समय निवाई के पास अरविंद ने देखा कि एक युवती शौचालय के पास तीन युवक उसके साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं।
युवती की रक्षा के लिए आवाज़ उठाई, बदले में बुरी सज़ा
अरोपियों ने प्रारंभ में पीछे हटने का नाटक किया, लेकिन उनकी हिंसक प्रवृत्ति चुप नहीं रही। युवक के विरोध करने पर उन युवकों ने मौका पाकर अरविंद को चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया। तेज़ रफ्तार ट्रेन से गिरने पर उसका शरीर पटरी किनारे जा गिरा।
यह हमला इस बात का प्रतीक है कि समाज में सम्मान और सुरक्षा के लिए खड़े होने पर भी लोग खुद खतरे में पड़ जाते हैं।
गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती
अरविंद पूरी रात घायलावस्था में रेलवे ट्रैक के पास पड़ा रहा। सुबह ट्रैकमैन ने उसे देखा और सिरस स्टेशन मास्टर को सूचना दी। तुरंत सवाई माधोपुर जीआरपी मौके पर पहुंची और घायल युवक को राजकीय सआदत अस्पताल, टोंक ले जाया गया।
चिकित्सकों के अनुसार अरविंद के दोनों हाथ और उंगलियां टूट गई हैं, पसलियां फटी हैं और सिर व कंधे में गंभीर चोटें आई हैं। उसका इलाज जारी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
सवाई माधोपुर जीआरपी ने मदनमहल थाना क्षेत्र में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल का सर्वे कर रही है और आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की तैयारी में है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना न केवल अपराध है बल्कि ट्रेन जैसी सार्वजनिक जगह में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी को भी उजागर करती है।
सुरक्षा और जागरूकता की जरूरत
यह घटना समाज को यह संदेश देती है कि युवाओं को सम्मान की रक्षा के लिए खड़ा होना महंगा पड़ सकता है, और रेलवे जैसी सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा और निगरानी को और कड़ा करने की आवश्यकता है।
इस मामले में न केवल अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, बल्कि यात्री सुरक्षा के लिए प्रशासन को और प्रभावी कदम उठाने होंगे।