#देश दुनिया #बिजनेस #राज्य-शहर

1 रुपये से भी कम प्रीमियम में लाखों का कवर! रेलवे टिकट पर मिलने वाले इस इंश्योरेंस पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाया बड़ा सवाल


हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं, लेकिन बहुत कम यात्रियों को पता है कि ऑनलाइन रेलवे टिकट बुक करते समय 1 रुपये से भी कम प्रीमियम में लाखों रुपये का ट्रैवल इंश्योरेंस मिल सकता है. अब इसी सस्ती लेकिन अहम सुरक्षा सुविधा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे से बड़ा सवाल पूछ लिया है, जिससे काउंटर टिकट यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.


🟡 रेलवे टिकट के साथ क्या है यह सस्ता इंश्योरेंस?

IRCTC की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक करते समय यात्रियों को ट्रैवल इंश्योरेंस लेने का विकल्प दिया जाता है. यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक होती है, लेकिन अगर यात्री इसे चुनता है तो 1 रुपये से भी कम प्रीमियम में उसे यात्रा के दौरान दुर्घटना से जुड़ी आर्थिक सुरक्षा मिलती है.


🟡 कितने रुपये का मिलता है बीमा कवर?

रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस के तहत ट्रेन हादसे में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में लगभग 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है.
वहीं,

  • आंशिक दिव्यांगता पर करीब 7.5 लाख रुपये
  • और दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल में भर्ती होने पर 2 लाख रुपये तक का कवर दिया जाता है.
    कम प्रीमियम और बड़ा कवर इसे बेहद फायदेमंद बनाता है.

🟡 सिर्फ ऑनलाइन टिकट पर ही क्यों मिलती है यह सुविधा?

फिलहाल यह बीमा सुविधा केवल ऑनलाइन टिकट बुकिंग तक सीमित है, क्योंकि IRCTC का डिजिटल सिस्टम सीधे बीमा कंपनियों के डेटा से जुड़ा हुआ है.
काउंटर टिकट में यात्रियों की जानकारी मैन्युअली दर्ज होती है, जिसे अब तक बीमा के साथ जोड़ना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है.


🟡 सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे से क्या पूछा?

सुप्रीम कोर्ट ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब आज भी बड़ी संख्या में यात्री काउंटर टिकट लेकर यात्रा करते हैं, तो उन्हें इस सस्ती और जरूरी सुरक्षा सुविधा से क्यों वंचित रखा जाए.
कोर्ट ने इसे यात्रियों के बीच भेदभाव करार देते हुए रेलवे से जवाब मांगा है.


🟡 आगे क्या बदल सकता है रेलवे सिस्टम में?

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में काउंटर टिकट यात्रियों को भी रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस का लाभ मिल सकता है.
अगर ऐसा होता है, तो करोड़ों यात्रियों को बेहद कम खर्च में बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी.


1 रुपये से भी कम प्रीमियम में मिलने वाला यह ट्रैवल इंश्योरेंस यात्रियों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है, लेकिन इसकी जानकारी और पहुंच सीमित रही है.
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप इस मुद्दे को नई दिशा दे सकता है और रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा समावेशी नीति अपनाने के लिए मजबूर कर सकता है.

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *