पुणे में चुनावी तनाव: युवक ने सुसाइड से पहले लिखा उम्मीदवार का नाम, NCP के अजित पवार गुट की मुश्किल बढ़ी….
पुणे नगर निगम चुनाव के बीच एक दुखद घटना ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। हडपसर निवासी 56 वर्षीय सादिक उर्फ बाबू कपूर ने कथित मानसिक प्रताड़ना और जमीन विवाद के चलते अपने कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके हाथ पर उम्मीदवार का नाम लिखे जाने से मामला सीधे चुनावी राजनीति से जुड़ा नजर आ रहा है।
सुसाइड नोट में चुनावी उम्मीदवार पर गंभीर आरोप
सादिक कपूर के पास मिले 30 पन्नों के सुसाइड नोट में उन्होंने अपने मानसिक दबाव और परेशानियों का जिक्र किया। नोट में उन्होंने एनसीपी उम्मीदवार फारुख शेख और कुछ पुलिस अधिकारियों पर लगातार प्रताड़ना का आरोप लगाया। सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि लगातार हो रहे दबाव के कारण उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया।
सुसाइड नोट में हडपसर के सैयद नगर इलाके में करीब 10 करोड़ रुपये की जमीन विवाद का उल्लेख किया गया है। सादिक कपूर और फारुख शेख के बीच यह जमीन विवाद लंबे समय से चला आ रहा था। चुनावी उम्मीदवार का नाम सीधे नोट में आने से यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। इससे एनसीपी और अजित पवार गुट के लिए परेशानी बढ़ सकती है।
पुलिस जांच: सबूतों की गहन पड़ताल
पुणे लष्कर पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट और घटनास्थल से मिले सबूतों की गहन जांच की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि सादिक कपूर का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उन पर मकोका के तहत मामला दर्ज था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मीडिया में चर्चा
अजित पवार गुट की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव के समय ऐसे विवाद उम्मीदवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं और विपक्ष इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकता है।
यह घटना न केवल व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि चुनावी राजनीतिक दबाव और जमीन विवाद के संवेदनशील पहलुओं को भी उजागर करती है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और राजनीतिक बयानबाजी इस मामले को और अधिक सुर्खियों में ला सकती है।