बांग्लादेश में 5.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, 6 की मौत – भारत के कई राज्यों में भी महसूस हुए झटके…
ढाका/कोलकाता। शुक्रवार सुबह बांग्लादेश के केन्द्रीय हिस्से में आए 5.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने जनजीवन हिला दिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल हुए हैं। भूकंप के झटके ढाका, नारसिंदी, गोराशाल सहित कई जिलों में महसूस किए गए। इसकी तीव्रता इतनी तेज थी कि भारत के पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी कंपन दर्ज किया गया, जिसके बाद लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
केंद्र बिंदु ढाका के पास, सुबह 10:38 बजे महसूस हुआ भूकंप
भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 10:38 बजे आया। इसका एपिसेंटर नारसिंदी जिले के गोराशाल क्षेत्र में था, जो राजधानी ढाका से करीब 25 किलोमीटर दूर है। इसकी गहराई मात्र 10 किलोमीटर बताई गई, जिस कारण सतह पर कंपन काफी तेज महसूस हुआ।
ढाका में इमारतों में दरारें, लोग सड़कों पर दौड़े
राजधानी ढाका में कई ऊंची इमारतें थरथरा उठीं। कंपन महसूस होते ही लोग घबराकर सड़कों और मैदानों की ओर भागे। कुछ जगहों पर इमारतों में दरारें पड़ने की जानकारी भी सामने आई है। कई दफ्तरों, स्कूलों और बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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6 लोगों की मौत, दर्जनों घायल*
स्थानीय मीडिया के अनुसार, हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है।
ढाका में एक इमारत की दीवार व छत गिरने से तीन लोगों की जान गई।
अन्य तीन लोगों की मौत गिरती वस्तुओं या भागते समय हादसे में हुई।
इसके अलावा कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें वे भी शामिल हैं जो निर्माणाधीन इमारतों से गिरती सामग्री की चपेट में आए।
भारत के कई राज्यों में महसूस हुए झटके ,कोलकाता , पश्चिम बंगाल के अन्य जिले ,त्रिपुरा असम के कुछ हिस्से इसमें प्रभावित हुए है । कई अपार्टमेंटों में रहने वाले लोग सुरक्षा के लिए बाहर निकल आए।
राहत व बचाव कार्य जारी
भूकंप के बाद बांग्लादेश के स्थानीय प्राधिकारियों ने राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
क्षतिग्रस्त इमारतों का निरीक्षण किया जा रहा है। अस्पतालों में घायलों के इलाज की व्यवस्था बढ़ाई गई है। लोगों से पुराने और कमजोर ढांचों से दूर रहने की अपील की गई है।
अधिकारियों ने जारी की सावधानियाँ
भूकंप के बाद आफ्टरशॉक की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
इमारतों में कोई संरचनात्मक नुकसान दिखे तो तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की गई है।
भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।