बांग्लादेश में सियासी हलचल तेज, शेख हसीना के खिलाफ मानवता विरोधी अपराध मामले पर जल्द फैसला…
बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर में है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मानवता विरोधी अपराध मामले में अब निर्णायक मोड़ आने वाला है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने घोषणा की है कि वह 13 नवंबर (गुरुवार) को इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई पर फैसले की तारीख तय करेगा। इस कदम ने बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है और देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
ढाका में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
फैसले से पहले बांग्लादेश की राजधानी ढाका और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सेना की संयुक्त तैनाती की गई है। हवाई अड्डों, सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों और मीडिया हाउसों के बाहर विशेष चौकसी बढ़ाई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू करने पर भी विचार शुरू कर दिया है।
संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी, सड़कों पर बढ़ी सख्ती
ढाका की मुख्य सड़कों पर कई चेकपोस्ट लगाए गए हैं। वाहनों की कड़ी तलाशी ली जा रही है और पुलिस ड्रोन की मदद से भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों पर निगरानी रख रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि कोई भी अराजकता फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक दलों में हलचल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर
फैसले की तारीख नजदीक आने के साथ ही सरकार समर्थक और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला बांग्लादेश की राजनीति की दिशा तय कर सकता है, क्योंकि हसीना की पार्टी अवामी लीग और विपक्षी दल बीएनपी दोनों ही इस मामले को अपने राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।
बांग्लादेश पर टिकी अंतरराष्ट्रीय निगाहें
13 नवंबर का दिन बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। शेख हसीना के खिलाफ आने वाला फैसला न केवल देश की राजनीतिक स्थिरता, बल्कि उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी गहरा असर डाल सकता है। फिलहाल, पूरा देश सख्त सुरक्षा घेरे में फैसले की प्रतीक्षा कर रहा है।