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राजस्थान यूनिवर्सिटी में RSS कार्यक्रम पर सियासी टकराव, ABVP की चेतावनी से बढ़ा विवाद

राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर छात्र संगठनों के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कार्यक्रम का समर्थन करते हुए एनएसयूआई (NSUI) और कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं, जबकि विरोध की आशंका ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। बयानबाजी के तीखे दौर के बीच विश्वविद्यालय एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है।

कार्यक्रम को लेकर बढ़ा तनाव

विश्वविद्यालय के संविधान पार्क में प्रस्तावित ‘मातृशक्ति संवाद’ कार्यक्रम को लेकर माहौल गर्म है। एबीवीपी ने कार्यक्रम से पहले प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया कि यह आयोजन महिला सम्मान और संवाद से जुड़ा है, जिसे किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह कार्यक्रम सामाजिक विषयों पर केंद्रित है, लेकिन इसे राजनीतिक रूप देकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। परिसर में पहले भी इस तरह के आयोजनों को लेकर विवाद हो चुके हैं, जिससे प्रशासन की भूमिका भी अहम बन गई है।

NSUI पर लगाए राजनीतिक आरोप

एबीवीपी के प्रतिनिधि भारत भूषण यादव ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस, संघ से जुड़े कार्यक्रमों का विरोध कर अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे विरोधों का इस्तेमाल संगठन के भीतर पद हासिल करने के लिए किया जाता है। एबीवीपी का दावा है कि छात्र राजनीति को मुद्दों के बजाय विरोध की रणनीति के जरिए दिशा दी जा रही है, जिससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होता है।

कांग्रेस नेतृत्व पर भी साधा निशाना

प्रेस वार्ता के दौरान एबीवीपी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर भी टिप्पणी की। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए सवाल उठाए गए कि महिला मुद्दों पर सक्रियता दिखाने वाले नेता इस कार्यक्रम पर चुप क्यों हैं। संगठन का कहना है कि महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी पक्षों को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

अनुमति और नियमों का हवाला

एबीवीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से विधिवत अनुमति ली गई है और निर्धारित शुल्क भी जमा कराया गया है। संगठन का कहना है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद विरोध करना अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से भी अपेक्षा जताई कि वह नियमों के अनुसार कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी निभाए और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोके।

टकराव की चेतावनी से बढ़ी संवेदनशीलता

विवाद के बीच एबीवीपी की ओर से कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें विरोध की स्थिति में जवाब देने की बात कही गई। इस बयानबाजी ने परिसर का माहौल और अधिक संवेदनशील बना दिया है। दूसरी ओर, एनएसयूआई की ओर से भी विरोध की संभावना जताई जा रही है, जिससे टकराव की आशंका बनी हुई है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो।

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