सदन में गूंजा प्रधानमंत्री का भावुक संदेश…
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस वक्त भावुक हो गए, जब उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग मोहब्बत की दुकान खोलने का दावा करते हैं, लेकिन पीठ पीछे “मेरी कब्र खोदने” की राजनीति कर रहे हैं। पीएम मोदी के इस बयान के बाद सदन में भारी हंगामा देखने को मिला और राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया।
राज्यसभा में पीएम मोदी का तीखा प्रहार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान विपक्ष को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि देश के विकास की बात करने के बजाय कुछ दल केवल नफरत और साजिश की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “विकसित भारत” की नींव रखने में जुटी है, लेकिन विपक्ष इसे पचा नहीं पा रहा है।
‘मोहब्बत की दुकान’ बनाम ‘कब्र खोदने’ का आरोप
पीएम मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा,
“ये लोग मोहब्बत की दुकान चलाने का ढोंग करते हैं, लेकिन पीठ पीछे मेरी कब्र खोदने में लगे रहते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में कांग्रेस से जुड़े कुछ मंचों पर “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे नारे लगाए गए, जो न केवल आपत्तिजनक हैं बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी खिलाफ हैं।
पीएम का सवाल | देश के लिए कैसी राजनीति?
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के नारे देश की एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला हैं। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि क्या यही राजनीति देश को आगे ले जाएगी। पीएम मोदी ने इस बयान को देश के प्रति नफरत का प्रतीक बताया और कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग भी की।
अनुच्छेद 370 का जिक्र | विपक्ष पर फिर निशाना
अपने भाषण में पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे वहां शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को यह फैसला कभी पसंद नहीं आया और आज भी वे इस पर सवाल उठाते रहते हैं।
उत्तर-पूर्व में शांति और सुरक्षा का दावा
प्रधानमंत्री ने उत्तर-पूर्वी राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले वहां बम, बंदूक और हिंसा की खबरें आम थीं, लेकिन अब शांति स्थापित हो रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने संवाद और सख्ती दोनों के जरिए हालात बदले हैं, मगर विपक्ष इन सफलताओं को नजरअंदाज करता रहा है।
आतंकवाद पर सख्त रुख | ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख
पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने अब घर में घुसकर जवाब देना सीख लिया है। उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और माओवादी हिंसा के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए गए, जिससे देश को सुरक्षा मिली।
भावुक अपील | नफरत छोड़ें, राष्ट्र निर्माण करें
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि तमाम नफरत और साजिशों के बावजूद उनकी सरकार देशहित में काम करती रहेगी। पीएम मोदी ने विपक्ष से अपील की कि वे राजनीति में नफरत फैलाने के बजाय राष्ट्र निर्माण में सहयोग करें।
राजनीतिक हलचल तेज | बयान के बाद बढ़ा तनाव
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन में कुछ देर के लिए कार्यवाही प्रभावित हुई। यह बयान अब सियासी गलियारों में नई बहस का मुद्दा बन गया है।