सदन में न आ पाने पर पीएम मोदी का कांग्रेस पर तंज, ओम बिरला के बयान से बढ़ा सियासी घमासानराज्यसभा में पीएम मोदी ने कांग्रेस का जताया ‘आभार’
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष अब उन्हें अच्छी तरह समझ चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में कई बार उन्हें बोलने से रोका गया, लेकिन इस बार कांग्रेस ने “अनुभव से सीख” लेते हुए समझदारी दिखाई।
प्रधानमंत्री ने कहा,
“मैं कांग्रेस के मित्रों का आभार व्यक्त करता हूं। उन्हें पता है कि जब मैं बोलना शुरू करता हूं तो रुकता नहीं। इसलिए उन्होंने इस बार समझदारी से काम लिया।”
यह टिप्पणी उस पृष्ठभूमि में आई जब एक दिन पहले विपक्ष के हंगामे के कारण प्रधानमंत्री का भाषण नहीं हो सका था।
‘दुनिया का वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है, भारत की ओर झुकाव’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक हालात पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की ओर बढ़ रही है और भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद बना वैश्विक ढांचा अब बदल रहा है और मौजूदा परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय झुकाव भारत की ओर साफ दिखाई दे रहा है।
ओम बिरला का बयान: पीएम को सदन न आने की दी गई थी सलाह
लोकसभा में लगातार हो रहे हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही स्थगित करते हुए कहा कि उनकी सलाह पर ही प्रधानमंत्री सदन में उपस्थित नहीं हुए।
ओम बिरला ने कहा कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली थी कि कुछ विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंचकर अप्रत्याशित घटना कर सकते थे, जिससे संसदीय परंपराओं को नुकसान पहुंचता। इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री से सदन में न आने का आग्रह किया गया।
प्रियंका गांधी का पलटवार: ‘प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं’
ओम बिरला के बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे पूरी तरह झूठ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को कोई खतरा नहीं था।
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार सदन में चर्चा से बच रही है और नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा। उनके अनुसार, चर्चा न होने की असली वजह सरकार की असहजता है, न कि सुरक्षा कारण।
प्रियंका चतुर्वेदी का बयान: महिला सांसदों पर दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी
शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के सबसे सुरक्षित व्यक्ति हैं और महिला सांसदों से खतरे की बात करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
लोकसभा में हंगामा जारी, कार्यवाही बार-बार स्थगित
लोकसभा में गतिरोध गुरुवार को भी जारी रहा। कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हुआ, हालांकि विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही।
राहुल गांधी और अप्रकाशित किताब का विवाद
संसद में गतिरोध की शुरुआत तब हुई जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की एक अप्रकाशित किताब के अंश पढ़ने की कोशिश की। स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार उद्धरण से डर रही है और उन्हें जानबूझकर बोलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने संसद परिसर में किताब की प्रति दिखाते हुए कहा कि यह किताब मौजूद है और इसमें लद्दाख से जुड़ा पूरा विवरण लिखा गया है।
नियमों का हवाला देकर सत्ता पक्ष ने जताई आपत्ति
सत्ता पक्ष ने नियम 349 (1) का हवाला देते हुए कहा कि किसी अप्रकाशित किताब या अप्रमाणिक सामग्री पर सदन में चर्चा की अनुमति नहीं दी जा सकती। स्पीकर ने भी स्पष्ट किया कि किताब, ईमेल या अख़बार की कटिंग पर चर्चा की परंपरा नहीं रही है।
सियासी टकराव के बीच संसद में गतिरोध बरकरार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच लोकसभा और राज्यसभा दोनों में सियासी तनाव बना हुआ है। विपक्ष जहां सरकार पर बहस से भागने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष नियमों और संसदीय मर्यादा की बात कर रहा है।