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अलवर सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर फिर सवाल, विचाराधीन बंदी के पास से मोबाइल और सिम बरामद…..

अलवर केंद्रीय कारागृह में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल प्रशासन द्वारा चलाए गए नियमित तलाशी अभियान के दौरान एक विचाराधीन बंदी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया गया है। यह मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया, वहीं कोतवाली थाना अलवर में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।


रात में चला तलाशी अभियान, वार्ड नंबर 4 में खुलासा

21 दिसंबर की रात करीब 8:25 बजे अलवर सेंट्रल जेल में नियमित सुरक्षा जांच और तलाशी अभियान चलाया गया। यह अभियान जेल उपाधीक्षक रविन्द्र उपाध्याय की मौजूदगी में संपन्न हुआ। तलाशी के दौरान वार्ड नंबर 4 की बैरिक नंबर 2 में बंद विचाराधीन कैदी की जांच की गई।


विचाराधीन बंदी की पहचान, कपड़ों से मिला मोबाइल

तलाशी के दौरान विचाराधीन बंदी रवि उर्फ भैरू पुत्र मुकेश (उम्र 32 वर्ष), निवासी मानपुरा मोहल्ला, बहरोड़ (जिला कोटपूतली-बहरोड़) के बिस्तर और कपड़ों की गहन जांच की गई। इसी दौरान उसकी कपड़ों की थैली से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें एयरटेल कंपनी का सक्रिय सिम कार्ड लगा हुआ था।


पूरी कार्रवाई का बनाया गया वीडियो

जेल प्रशासन ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मोबाइल बरामदगी की पूरी प्रक्रिया का मौके पर वीडियो रिकॉर्ड भी किया। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड को निषिद्ध सामग्री मानते हुए तुरंत जब्त कर लिया गया।


कोतवाली थाने में दर्ज हुआ मामला

जेल प्रशासन ने बरामद मोबाइल और सिम कार्ड को सफेद कपड़े की थैली में पैक कर सील किया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए थाना कोतवाली अलवर में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मौका नहीं है जब अलवर सेंट्रल जेल से मोबाइल बरामद हुआ हो। इससे पहले 2 अक्टूबर को भी बहरोड़ निवासी एक अन्य आरोपी के पास से मोबाइल और सिम कार्ड मिलने का मामला कोतवाली थाने में दर्ज किया गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


जेल के भीतर मोबाइल कैसे पहुंच रहे, बड़ा सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद जेल के भीतर मोबाइल फोन और सिम कार्ड जैसी निषिद्ध सामग्री कैसे पहुंच रही है। क्या इसमें किसी अंदरूनी मिलीभगत की भूमिका है या सुरक्षा जांच में कहीं गंभीर चूक हो रही है—इस दिशा में जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।


जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन

फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन दोनों ही स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में सुरक्षा को और सख्त किया जाएगा, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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