रेलवे इंजन फेल, फिर भी फाइटर जेट बेचने की तैयारी में पाकिस्तान, रिपोर्ट ने खोली पोल
आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को लेकर एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। एक तरफ जहां देश की रेलवे व्यवस्था जर्जर हो चुकी है और इंजन लगातार फेल हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि कई देश पाकिस्तान से फाइटर जेट खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। यह विरोधाभास अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया और घरेलू राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
🟦 पीएम शहबाज का बड़ा दावा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक कैबिनेट बैठक में कहा कि कई देश पाकिस्तान के फाइटर जेट्स खरीदने के लिए बातचीत कर रहे हैं। सरकारी मीडिया के अनुसार, उनका कहना था कि पाकिस्तान के सैन्य विमानों की मांग बढ़ रही है और विदेशी सरकारें इन सौदों में रुचि दिखा रही हैं।
🟦 किन जेट्स पर हो रही चर्चा
हालांकि प्रधानमंत्री ने किसी खास विमान का नाम नहीं लिया, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट को लेकर कई देशों के साथ बातचीत चल रही है। कुछ रिपोर्ट्स में सूडान, लीबिया, सऊदी अरब, इराक, इंडोनेशिया और बांग्लादेश जैसे देशों का नाम भी सामने आया है। इसके अलावा पाकिस्तान के ट्रेनिंग जेट ‘मुश्शाक’ में भी कुछ देशों की दिलचस्पी बताई जा रही है।
🟦 रक्षा मंत्री के बयान से मिला समर्थन
शहबाज शरीफ का यह बयान उनके रक्षा उत्पादन मंत्री के हालिया इंटरव्यू के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कई देश पाकिस्तान के बनाए फाइटर जेट्स में रुचि ले रहे हैं। सरकार इसे रक्षा निर्यात के रूप में आर्थिक सुधार का एक संभावित रास्ता बता रही है।
🟦 दूसरी ओर जर्जर रेलवे सिस्टम
इसी बीच पाकिस्तान की रेलवे व्यवस्था की बदहाल स्थिति भी सामने आई है। संसद की एक स्थायी समिति के सामने रेलवे अधिकारियों ने स्वीकार किया कि देश में इंजन फेल होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इसका मुख्य कारण नए लोकोमोटिव्स की कमी और पुराने इंजनों पर बढ़ता दबाव है।
🟦 दो दशक पुराने इंजनों पर चल रही ट्रेनें
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान रेलवे के 60 प्रतिशत से ज्यादा इंजन ऐसे हैं, जो बीस साल से भी अधिक समय से चल रहे हैं। तकनीकी रखरखाव और समय पर अपग्रेड न होने के कारण ट्रेनों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा और समयबद्धता दोनों प्रभावित हो रही हैं।
🟦 यात्री सुविधाओं की भी खराब हालत
केवल इंजन ही नहीं, बल्कि यात्री डिब्बों की हालत भी चिंता का विषय बनी हुई है। समिति के सामने बताया गया कि कई कोचों में एयर कंडीशनिंग सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं। पुराने उपकरणों की वजह से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि नई सुविधाएं लगाने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है।
🟦 आर्थिक संकट में रक्षा निर्यात का सपना
एक ओर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कर्ज और आर्थिक दबावों से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार रक्षा उपकरणों के निर्यात को संभावित समाधान के तौर पर पेश कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि बुनियादी ढांचे की कमजोर हालत के बीच हथियार निर्यात के बड़े दावे देश की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करते हैं।