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जयपुर में बीएलओ की मौत पर उबाल—कैंडल मार्च में उठी न्याय की गूंज…

जयपुर में बीएलओ मुकेश जांगिड़ की मौत ने कर्मचारियों में गहरी नाराजगी भर दी है। सुरक्षा, जवाबदेही और न्याय की मांग को लेकर कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। कैंडल मार्च के जरिए साथियों ने साफ कहा—मुकेश के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं।

जयपुर में कैंडल मार्च, कर्मचारियों का उफनता विरोध

बीएलओ मुकेश जांगिड़ की अचानक हुई मौत के बाद शहर के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने कैंडल मार्च निकालकर रोष व्यक्त किया। मार्च में “मुकेश को न्याय दो” के नारों से माहौल गूंज उठा।

बीएलओ की संदिग्ध मौत ने खड़े किए सवाल

मुकेश की मौत ने फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। कर्मचारियों ने कहा कि लगातार बढ़ते कार्यदबाव और खतरे की स्थिति के बावजूद प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है।

कई विभागों के कर्मचारी एकजुट, जांच की मांग तेज

शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत और अन्य विभागों के कर्मचारी कैंडल मार्च में शामिल हुए। सभी ने निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई और बीएलओ सुरक्षा नीति की मांग की।

संगठनों की मांग—‘सुरक्षा नीति बने, व्यवस्था सुधरे’

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि फील्ड ड्यूटी करने वाले बीएलओ को बिना किसी सुरक्षा साधन के जोखिम में काम करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग दोहराई।

परिवार की आवाज—‘मुकेश के लिए इंसाफ चाहिए’

मुकेश जांगिड़ के परिजनों ने भी मामले में व्यापक जांच की मांग की। परिवार ने कहा कि मौत की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

प्रशासन पर दबाव—स्वतंत्र जांच समिति की मांग

कर्मचारियों ने प्रशासन पर दबाव बढ़ाते हुए स्वतंत्र जांच टीम गठित करने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की पारदर्शी और तेज जांच हो सके।

आंदोलन का संकेत—‘यह लड़ाई सिर्फ मुकेश के लिए नहीं’

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इस घटना ने व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है। जब तक सुरक्षा, सम्मान और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा

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