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ओड़ेला खनन हादसा: 9वें दिन रेस्क्यू सफल, 150 फीट गहरी खाई से मिला पोकलेन ऑपरेटर का शव…

रामगढ़ क्षेत्र के ओड़ेला राजस्व ग्राम में स्थित लीज संख्या 414 में हुए दर्दनाक खनन हादसे के 9वें दिन प्रशासन को बड़ी सफलता मिली। हैवी ब्लास्टिंग के चलते पहाड़ ढहने से 150 फीट गहरी खाई में गिरे पोकलेन ऑपरेटर रामानंद तिवारी का शव शनिवार को बरामद कर लिया गया। शव तीन बड़ी चट्टानों के बीच फंसा हुआ था। मशीनों की मदद से दो भारी शिलाएं हटाई गईं, जिसके बाद शव पानी की सतह पर आ सका।

शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। रेस्क्यू के बाद शव को उप जिला अस्पताल रामगढ़ लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन शव को बिहार के बक्सर जिले स्थित अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए।

हादसा कैसे हुआ

जानकारी के अनुसार, खनन क्षेत्र में पत्थर निकालने के लिए हैवी ब्लास्टिंग की गई थी। इसके बाद पहाड़ की ऊपरी चोटी से लीज के निचले हिस्से तक कच्चा रास्ता बनाया जा रहा था। इसी दौरान ब्लास्टिंग से कमजोर हुई चट्टान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और पोकलेन मशीन सहित ऑपरेटर रामानंद तिवारी 150 फीट गहरी खाई में जा गिरे।

हादसे के बाद अगले दिन से ही उपखंड प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग के साथ एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू में जुटी रहीं। प्राइवेट गोताखोर आशु मलिक की टीम ने भी खोज अभियान में विशेष सहयोग किया। इससे पहले खाई से पोकलेन मशीन निकाली जा चुकी थी, जबकि ऑपरेटर का शव तीन चट्टानों के बीच फंसा हुआ मिला।

पहले जूता-टोपी मिली, फिर मिला शव

मृतक के भाई सदानंद तिवारी ने बताया कि शनिवार सुबह पानी की सतह पर बुलबुलों के साथ हल्के पीले रंग का गाढ़ा पदार्थ दिखा। इसी स्थान पर पहले ऑपरेटर की टोपी और जूता मिला था, जिसकी परिजनों ने पहचान की। इसके बाद मशीनों की मदद से दो बड़ी चट्टानें हटाई गईं, तो शव ऊपर आ सका। शव के कानों में ईयरफोन लगे हुए थे और जेब में मोबाइल फोन मिला।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट: सिर में गंभीर चोट, डूबने से मौत

उप जिला अस्पताल रामगढ़ के प्रभारी चिकित्सक के अनुसार मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. हरकेश मीणा द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट में सिर की हड्डी टूटने, चेहरे व हाथ में गंभीर चोटें आने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, मौत का मुख्य कारण सिर पर गंभीर चोट और खाई में पानी में डूबना बताया गया है।

परिजनों का दर्द, कार्रवाई की मांग

पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के भाई सदानंद तिवारी, नित्यानंद तिवारी सहित परिजन मौजूद रहे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मौके पर पहुंचे विधायक सुखवंत सिंह के सामने परिजनों ने आरोप लगाया कि लीज माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत से उनके भाई से जबरन जोखिम भरे काम करवाए जा रहे थे और तीन महीने से वेतन भी नहीं दिया गया था। परिजनों ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी और मजदूर की जान न जाए।

लीज धारक व माइनिंग अधिकारियों पर मामला दर्ज

इस मामले में मृतक के भाई सदानंद तिवारी की शिकायत पर लीज संख्या 414 व 415 के संचालकों तथा माइनिंग विभाग के अधिकारियों के खिलाफ रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

रेस्क्यू में प्रशासन की बड़ी भूमिका

रेस्क्यू अभियान में रामगढ़ उपखंड अधिकारी बाबूलाल, डीएसपी पिंटू कुमार, तहसीलदार अंकित, थानाधिकारी बिजेंद्र सिंह सहित पुलिस-प्रशासन, राजस्व विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने अहम भूमिका निभाई।

पोस्टमार्टम के बाद शव को विशेष हाईटेक एंबुलेंस से बिहार के बक्सर जिले के लिए रवाना किया गया। एंबुलेंस में डी-फ्रीजर की सुविधा मौजूद थी, ताकि शव को सुरक्षित ले जाया जा सके।

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