ओडेला खान हादसा: सातवें दिन भी लापता पोकलेन ऑपरेटर का सुराग नहीं, पानी में मिला जूतापानी से भरी खाई में मिला जूता, परिवार ने की पहचान
ओडेला खान हादसे में लापता पोकलेन ऑपरेटर रामानंद तिवारी का सातवें दिन भी कोई पता नहीं चल सका है। बचाव कार्य के दौरान पानी से भरी गहरी खाई में एक जूता तैरता हुआ मिला। परिजनों ने जूते की पहचान रामानंद तिवारी के रूप में की है। इस बरामदगी के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
भाई ने लीज मालिक और खनिज अधिकारियों पर दर्ज कराया मामला
घटना के बाद रामानंद के भाई सदानंद तिवारी ने खनन लीज संख्या 414-415 के मालिक और खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रामानंद पिछले तीन महीनों से उक्त लीज पर पोकलेन मशीन चला रहा था, लेकिन उसे वेतन नहीं दिया गया। केवल भोजन देकर काम कराया जा रहा था।
बंधक बनाकर काम कराने और धमकी देने का आरोप
परिवार का आरोप है कि रामानंद को डराकर-धमकाकर और जबरन बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था। 5 फरवरी को दिनभर लीज क्षेत्र में भारी ब्लास्टिंग की गई। रामानंद ने पहाड़ खिसकने के खतरे की आशंका जताई थी और मशीन चलाने से मना भी किया था, लेकिन इसके बावजूद उसे काम पर भेजा गया। उसने अपनी मां और भाई को भी खतरे की जानकारी दी थी।
अवैध खनन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि लीज क्षेत्र में अवैध रूप से खनन किया जा रहा था, जिससे करीब 100 से 150 फुट गहरा गड्ढा बन गया। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। बताया जा रहा है कि करीब 300 फीट गहरी खान में 100 से 125 फीट तक पानी भरा हुआ है।
पानी निकालने के लिए लगाए गए पांच पंप, सर्च ऑपरेशन रुका
खनिज विभाग के अधिकारी मनोज शर्मा के अनुसार खाई से पानी निकालने के लिए 75 एचपी के दो पंप, 60, 50 और 25 एचपी के एक-एक पंप सहित कुल पांच पंपिंग सेट लगाए गए हैं। करीब 20 घंटे की पंपिंग के बाद बुधवार शाम तक जल स्तर में लगभग डेढ़ फीट की कमी आई है। अधिकारियों का कहना है कि अगले 10 घंटे में यदि करीब 20 फीट तक पानी निकाल लिया जाता है तो गुरुवार को दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
यह मामला अब श्रमिक सुरक्षा, अवैध खनन और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।