वेनेजुएला संकट के बाद सतर्क किम जोंग उन, हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट कर बोला— न्यूक्लियर फोर्स युद्ध के लिए तैयार
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई कार्रवाई के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए हाइपरसोनिक मिसाइलों का परीक्षण कराया और ऐलान किया कि देश की परमाणु सेना किसी भी हालात के लिए पूरी तरह तैयार है।
🚀 किम जोंग उन की निगरानी में हुआ मिसाइल टेस्ट
नॉर्थ कोरिया की सरकारी मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन ने हाल ही में हुए “अत्याधुनिक” हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण का खुद निरीक्षण किया। यह परीक्षण ऐसे समय में किया गया, जब दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है।
🌍 ‘हालिया भूराजनीतिक संकट’ बना वजह
प्योंगयांग स्थित सरकार ने साफ कहा कि यह मिसाइल टेस्ट हालिया वैश्विक संकटों के चलते और भी जरूरी हो गया था। नॉर्थ कोरिया ने अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका की वेनेजुएला में की गई कार्रवाई की ओर इशारा किया, जिसे उसने अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का उदाहरण बताया।
🧭 वेनेजुएला और नॉर्थ कोरिया का साझा संकेत
गौर करने वाली बात यह है कि वेनेजुएला और नॉर्थ कोरिया—दोनों ही कम्युनिस्ट शासन वाले देश हैं। अमेरिका की सख्त कार्रवाई को किम जोंग उन ने यह संकेत मान लिया कि भविष्य में किसी भी देश को निशाना बनाया जा सकता है।
🇯🇵 🇰🇷 जापान और साउथ कोरिया ने भी की पुष्टि
जापान और साउथ कोरिया ने रविवार को बताया कि उन्होंने प्योंगयांग के आसपास से दो बैलिस्टिक मिसाइलों के लॉन्च का पता लगाया है। यह नॉर्थ कोरिया का इस साल का पहला मिसाइल परीक्षण था, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
⏰ अहम समय पर हुआ परीक्षण
यह परीक्षण साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के चीन दौरे से ठीक पहले हुआ, जिससे इसकी टाइमिंग को रणनीतिक माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार, यह कदम एशिया-प्रशांत क्षेत्र को सीधा संदेश देने की कोशिश है।
☢️ किम जोंग उन का दावा— न्यूक्लियर फोर्स पूरी तरह तैयार
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के मुताबिक, किम जोंग उन ने कहा कि इस टेस्ट ने डीपीआरके की परमाणु ताकत की युद्ध-तैयारी को साबित कर दिया है।
उन्होंने कहा,
“हमारी परमाणु फोर्स को व्यावहारिक आधार पर स्थापित करने और वास्तविक युद्ध के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।”
🛡️ न्यूक्लियर डिटरेंस पर जोर
किम जोंग उन ने साफ किया कि इन सैन्य गतिविधियों का मकसद परमाणु युद्ध निवारक क्षमता को और मजबूत करना है। उनका कहना था कि हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाएं दिखाती हैं कि किसी भी देश के लिए मजबूत न्यूक्लियर डिटरेंस क्यों जरूरी है।
🎯 वेनेजुएला मिशन से जुड़ा इशारा
किम जोंग उन ने सीधे नाम लिए बिना अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को निशाना बनाए जाने की घटना का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यही घटनाएं बताती हैं कि वैश्विक राजनीति कितनी तेजी से खतरनाक मोड़ ले सकती है।
📊 अमेरिका को सीधा संदेश
नॉर्थ कोरिया का यह कदम सिर्फ सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को दिया गया स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। वेनेजुएला के बाद किम जोंग उन यह दिखाना चाहते हैं कि नॉर्थ कोरिया किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।