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“धर्म नहीं तो देश नहीं” — फरीदाबाद में बोले बाबा बागेश्वर, सनातन एकता के लिए उठाई जागरण की पुकार…

फरीदाबाद में पहुंची सनातन हिंदू एकता पदयात्रा

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की अगुवाई में चल रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा रविवार को फरीदाबाद पहुंची। यह यात्रा दिल्ली से शुरू होकर वृंदावन तक जा रही है, जिसका उद्देश्य देशभर में सनातन संस्कृति, धर्म और एकता का संदेश फैलाना बताया जा रहा है। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत शामिल हो रहे हैं, जो “जय श्री राम” और “सनातन धर्म अमर रहे” जैसे नारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

“धर्म रहेगा तो देश रहेगा” — बाबा बागेश्वर का संदेश

फरीदाबाद में आयोजित सभा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि “धर्म नहीं रहेगा तो देश भी नहीं रहेगा।” उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, समाज और राष्ट्रीय एकता की आत्मा है। बाबा बागेश्वर ने लोगों से अपील की कि वे हिंदू धर्म के सिद्धांतों को समझें, उसका पालन करें और आने वाली पीढ़ियों को भी इसकी शिक्षा दें।

हिंदू समाज से जागरण और एकजुटता की अपील

बाबा बागेश्वर ने कहा कि आज के समय में हिंदू समाज को सबसे ज्यादा जरूरत जागरूकता और एकता की है। उन्होंने कहा कि “हम मंदिरों में दीप जलाते हैं, लेकिन मन में अंधकार छोड़ देते हैं।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे धर्म, राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित हों।

तीन राज्यों में यात्रा से फैलाया जा रहा संदेश

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पदयात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से होकर गुजर रही है। यात्रा का समापन पवित्र नगरी वृंदावन में होगा। बाबा बागेश्वर का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज में संस्कृति, आस्था और राष्ट्रभक्ति के प्रति चेतना जगाना है।

धार्मिक एकता से सामाजिक शक्ति की ओर

कार्यक्रम में शामिल साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने कहा कि जब धर्म और समाज एक दिशा में चलते हैं, तभी देश सशक्त बनता है। बाबा बागेश्वर ने अंत में कहा, “अगर हम धर्म को नहीं बचाएंगे, तो हमारी पहचान भी मिट जाएगी। धर्म ही देश की आत्मा है, और आत्मा के बिना शरीर नहीं टिकता।”

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