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Rajasthan: 10 टन विस्फोटक केस में चौंकाने वाला खुलासा, नर्सिंगकर्मी चला रहा था अवैध सप्लाई नेटवर्क


राजस्थान के नागौर जिले में पकड़े गए 10 टन विस्फोटक मामले ने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। SIT की गहन जांच में सामने आया है कि इस खतरनाक नेटवर्क से जुड़े कुछ आरोपी लाइसेंसधारी होने के बावजूद रिकॉर्ड में हेराफेरी कर रहे थे, जबकि एक आरोपी तो लाइसेंस सरेंडर करने के बाद भी नर्सिंगकर्मी की नौकरी की आड़ में अवैध विस्फोटक सप्लाई कर रहा था।


🟥 10 टन विस्फोटक केस की SIT जांच

24 जनवरी को नागौर के थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने के बाद मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी गई थी। जांच में मुख्य आरोपी सुलेमान खान के पूरे सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ है।


🟦 चार सप्लायर गिरफ्तार, कोर्ट से रिमांड

SIT ने सुलेमान खान को विस्फोटक सप्लाई करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया। ये आरोपी अलग-अलग क्षेत्रों में लाइसेंसशुदा मैगजीन (विस्फोटक स्टोरेज सेंटर) का संचालन कर रहे थे।


🟥 नर्सिंगकर्मी की नौकरी की आड़ में अवैध कारोबार

थांवला थाना अधिकारी अशोक कुमार के अनुसार, एक आरोपी देवराज मेड़तिया ने दो साल पहले अपना मैगजीन लाइसेंस सरेंडर कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद वह कुचेरा CHC में संविदा नर्सिंगकर्मी के रूप में काम करते हुए अवैध विस्फोटक सप्लाई कर रहा था।

यह खुलासा प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।


🟦 रिकॉर्ड में हेराफेरी कर बेचा अमोनियम नाइट्रेट

SIT जांच में सामने आया कि तीन लाइसेंसधारी आरोपी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अमोनियम नाइट्रेट की अवैध बिक्री कर रहे थे।
50 किलो के कट्टे पर 10 रुपये प्रति किलो अतिरिक्त वसूली की जा रही थी, जबकि इसकी सरकारी दर क्वालिटी के अनुसार 80 से 160 रुपये प्रति किलो है।


🟥 कौन-कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

SIT ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे हैं—

  • भरत कुमार – नागौर
  • देवराज मेड़तिया – बुटाटी, नागौर
  • महेंद्र पाल सिंह – कड़ेला, नागौर
  • बंसीलाल बंजारा – बस्सी, चित्तौड़गढ़

इनमें से तीन आरोपी नागौर और एक चित्तौड़गढ़ का निवासी है।


🟦 कितनी क्षमता के लाइसेंस थे आरोपियों के पास

नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया—

  • बंसीलाल बंजारा के पास 3000 टन क्षमता की मैगजीन का लाइसेंस
  • महेंद्र पाल के पास 4.5 टन
  • भरत कुमार के पास 2 टन
  • देवराज मेड़तिया ने लाइसेंस सरेंडर करने के बावजूद अवैध सप्लाई जारी रखी

🟥 पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए नागौर एसपी ने पुलिस मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजने की बात कही है।
इस रिपोर्ट में—

  • विस्फोटक अधिनियम के नियमों में सुधार
  • लाइसेंसधारकों की सख्त मॉनिटरिंग
  • मैगजीन संचालन की नियमित ऑडिट

जैसे सुझाव शामिल होंगे।


🟦 सिस्टम की खामियों पर बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ अवैध विस्फोटक सप्लाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि लाइसेंस प्रणाली, निगरानी तंत्र और विभागीय समन्वय में गंभीर खामियां हैं।
नर्सिंगकर्मी जैसे संवेदनशील पद पर रहते हुए अवैध विस्फोटक कारोबार चलना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।

SIT का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति को बेनकाब किया जाएगा और नागौर जिले में अवैध विस्फोटक कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

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