मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में MT-7 टाइग्रेस रिवाइल्डिंग के अगले चरण में पहुंची
रणथंभौर से रेस्क्यू, अब जंगल की ओर बढ़ता कदम
रिवाइल्डिंग के तहत तैयार की जा रही बाघिन MT-7 को आज राजस्थान के कोटा स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में रेडियो कॉलर पहनाया गया। यह प्रक्रिया उसे रिवाइल्डिंग के अगले चरण में ले जाने के लिए की गई है। MT-7 को बचपन में उसकी मां की मौत के बाद रणथंभौर टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू किया गया था।
अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में हुआ पालन-पोषण
रेस्क्यू के बाद बाघिन को कोटा स्थित अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में करीब 22 महीनों तक पाला गया। इस दौरान उसे जीवित शिकार पर प्रशिक्षण दिया गया, ताकि उसमें प्राकृतिक शिकार करने की क्षमता विकसित हो सके और वह जंगल में खुद को संभाल सके।
पांच हेक्टेयर एनक्लोजर में दिखाया प्राकृतिक व्यवहार
अभेड़ा पार्क से निकलने के बाद बाघिन MT-7 को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के पांच हेक्टेयर के रिवाइल्डिंग एनक्लोजर में करीब 14 महीने तक रखा गया। यहां उसने प्राकृतिक व्यवहार प्रदर्शित किया और सफलतापूर्वक शिकार करने की क्षमता दिखाई, जिसे रिवाइल्डिंग प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत माना गया।
NTCA की टीम ने दी अगली मंजूरी
बाघिन के व्यवहार और स्वास्थ्य का मूल्यांकन नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी की टीम द्वारा किया गया। टीम की सिफारिश के बाद रिवाइल्डिंग प्लान को मंजूरी मिली, जिसके तहत रेडियो कॉलर लगाकर बाघिन को बड़े एनक्लोजर में स्थानांतरित करने की अनुमति दी गई।
विशेषज्ञों की निगरानी में हुआ रेडियो कॉलरिंग
रेडियो कॉलर लगाने की प्रक्रिया फील्ड अधिकारियों, विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों और वन्यजीव वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम द्वारा तय प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी की गई। इस कॉलर से बाघिन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
अब 21 हेक्टेयर के बड़े क्षेत्र में होगी निगरानी
रेडियो कॉलरिंग के बाद बाघिन MT-7 को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के 21 हेक्टेयर के बड़े एनक्लोजर में छोड़ दिया गया है। यहां उसकी शिकार क्षमता, व्यवहार और अनुकूलन क्षमता की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी।
जंगल में छोड़े जाने का फैसला बाद में होगा
बाघिन को खुले जंगल में छोड़े जाने का अंतिम निर्णय मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक द्वारा उसके प्रदर्शन, सतत निगरानी और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल, रिवाइल्डिंग के इस चरण को बाघ संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।