अलवर जिला अस्पताल में बंदरों का आतंक, मरीजों की बढ़ी चिंता
अलवर जिले का सबसे बड़ा राजीव गांधी सामान्य अस्पताल, जहाँ अलवर ही नहीं बल्कि भरतपुर, हरियाणा, यूपी और मेवात तक के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, यहां बंदरों के आतंक से सभी मरीज और परिजन परेशान है। अस्पताल परिसर में रोजाना सैकड़ों की संख्या में बंदरों का जमघट लगा रहता है..
दिनभर ये बंदर बिजली के तारों पर झूलते और इमारतों के आसपास उछलकूद करते दिखाई देते हैं। इससे बिजली लाइन में फॉल्ट होने या तार टूटकर मरीजों पर गिरने का खतरा बना रहता है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सर्दी के मौसम में मरीज और उनके परिजन धूप सेंकने के लिए परिसर में बैठते हैं, तभी बंदर उन पर झपटते हुए खाने-पीने का सामान छीन ले जाते हैं। कई बार लोग सामान बचाने के लिए बंदरों की ओर बढ़ते हैं तो बंदर आक्रामक हो जाते हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
बंदर न सिर्फ तारों पर झूलते हैं, बल्कि पूरे परिसर में इधर-उधर घूमते रहते हैं, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले लोगों में भय का माहौल है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कब और कैसे अस्पताल प्रशासन इन बंदरों को पकड़वाने और आतंक खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाता है।