MLA फंड घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव हिरासत में
राजस्थान में MLA फंड के दुरुपयोग से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्त कदम उठाया है। मंगलवार को ईडी ने बहरोड़ से पूर्व विधायक रहे बलजीत यादव को हिरासत में लिया। मामला करीब 3 करोड़ 72 लाख रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है, जिसमें सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री की खरीद में गंभीर अनियमितताओं का आरोप है।
🟥 ACB की FIR के आधार पर ED की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, ED की जयपुर जोनल यूनिट ने यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज FIR के आधार पर की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई और पूर्व विधायक को हिरासत में लिया।
🟦 सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री सप्लाई में घोटाले का आरोप
जांच में सामने आया है कि अलवर जिले के करीब 32 सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री की आपूर्ति में अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि क्रिकेट किट और बैडमिंटन किट जैसी सामग्री घटिया क्वालिटी की थी, जबकि इनके बिल बाजार मूल्य से ढाई गुना तक ज्यादा दिखाए गए।
🟥 रिश्तेदारों और सहयोगियों की फर्मों के जरिए सप्लाई
ईडी और ACB की जांच में यह भी सामने आया कि खेल सामग्री की सप्लाई पूर्व विधायक के सहयोगियों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों की फर्मों के माध्यम से कराई गई। इनमें बालाजी कम्पलीट सोल्यूशन्स प्रा. लि., सूर्य इंटरप्राइजेज, राजपूत स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज और शर्मा स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज के नाम शामिल हैं।
🟦 पहले भी हो चुकी है ED की छापेमारी
इस मामले में ईडी पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। पिछले साल जयपुर में 8, जबकि दौसा और अलवर में एक-एक ठिकाने पर छापेमारी की गई थी। छापों के दौरान 31 लाख रुपये नकद और बड़ी संख्या में अहम दस्तावेज जब्त किए गए थे।
🟥 शिक्षा विभाग के अधिकारी भी जांच के घेरे में
ACB ने इस केस में सिर्फ फर्म संचालकों को ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री की आपूर्ति को मंजूरी दी गई।
🟦 कुल कितना है घोटाले का आंकड़ा
जांच एजेंसियों के मुताबिक यह पूरा मामला 3 करोड़ 72 लाख रुपये के घोटाले से जुड़ा हुआ है। फर्जी टेंडर प्रक्रिया और अधिक कीमत दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है।
🟥 भ्रष्टाचार विरोधी छवि से विवादों तक
बलजीत यादव 2018 से 2023 तक बहरोड़ से विधायक रहे और निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस को समर्थन दिया था। वे पहले भ्रष्टाचार विरोधी छवि के लिए जाने जाते थे और काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करने तथा भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को इनाम देने की घोषणा भी कर चुके थे। लेकिन अब खुद पर करोड़ों के घोटाले के आरोप लगने से उनकी छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
MLA फंड जैसे संवेदनशील विषय में गड़बड़ी के आरोप न सिर्फ राजनीतिक विश्वसनीयता पर असर डालते हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाते हैं। ईडी की यह कार्रवाई संकेत देती है कि अब ऐसे मामलों में एजेंसियां ज्यादा सख्त रुख अपना रही हैं।