Minor Body Found: गर्लफ्रेंड से मिलने गया था नाबालिग, 15 दिन बाद जंगल में मिला शव…
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 15 दिन से लापता 17 वर्षीय किशोर का शव जंगल में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने हत्या समेत सभी संभावित एंगल से जांच शुरू कर दी है।
29 जनवरी को मेले में गया, फिर नहीं लौटा घर
मृतक की पहचान उद्रेश वर्मा (17) के रूप में हुई है, जो बलौदाबाजार-कसडोल जिले के ग्राम सर्वा का निवासी था। पुलिस के अनुसार, 29 जनवरी को वह दोस्तों के साथ टूड्री गांव में मड़ई मेला देखने गया था।
लौटते समय उसने बसना क्षेत्र के जमनीडीह गांव में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने की इच्छा जताई। दोस्तों के मना करने के बावजूद वह रात करीब 11 बजे गांव पहुंच गया। दोस्त के मोबाइल से उसने युवती को कॉल किया और उससे मुलाकात की। इसके बाद वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गया।
दोस्त ने दर्ज कराई गुमशुदगी, मोबाइल मिला गांव के पास
अगले दिन 30 जनवरी को उसके दोस्त धर्मेंद्र वर्मा ने भंवरपुर पुलिस चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई। कुछ समय बाद उद्रेश का मोबाइल गांव के पास मिला, जिससे पुलिस को शक गहराया।
डॉग स्क्वॉड और स्थानीय पुलिस ने व्यापक तलाश अभियान चलाया, लेकिन कई दिनों तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में मिला शव
तलाशी के दौरान दोपहर करीब 2 बजे युवती के गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में उद्रेश का शव बरामद हुआ। शव काफी हद तक सड़ चुका था और कुछ हिस्सों को जंगली जानवरों ने नुकसान पहुंचाया था।
परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की। फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
हर एंगल से जांच, हत्या की आशंका से इनकार नहीं
पुलिस मृतक की गर्लफ्रेंड और उसके परिजनों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि दोनों की पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी और वे नियमित रूप से बातचीत करते थे।
एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय के अनुसार, मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। घटनास्थल पर संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, लेकिन हत्या या अन्य किसी कारण से मौत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किशोर की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या उसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है।