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मथुरा में गूगल मैप बना हादसे की वजह, घने कोहरे में नहर में गिरी कारोबारी की कार…

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक बार फिर गूगल मैप पर भरोसा करना एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। घने कोहरे और गलत दिशा-निर्देश के चलते गिलट कारोबारी की कार सीधे नहर में जा गिरी। हालांकि किस्मत अच्छी रही कि नहर में पानी बहुत कम था, जिससे परिवार की जान बच गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया।


कोहरे और गलत रास्ते ने बढ़ाया खतरा

बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात करीब 12 बजे घने कोहरे के बीच कार सवार परिवार गूगल मैप के सहारे अपने घर लौट रहा था। दृश्यता कम होने और गलत रास्ता दिखाए जाने के कारण चालक को नहर का अंदाजा नहीं हो सका और कार सीधे नहर में जा गिरी।


परिवार के साथ लौट रहे थे कारोबारी

जानकारी के मुताबिक, गोविंद नगर थाना क्षेत्र के जयसिंहपुरा निवासी अमित मित्तल गिलट का कारोबार करते हैं। वह अपनी पत्नी और 10 वर्षीय बेटे के साथ जैंत थाना क्षेत्र के सुनरख मार्ग स्थित एक रिश्तेदार के यहां गए थे। रात में वापस लौटते समय उन्होंने रास्ता खोजने के लिए गूगल मैप का सहारा लिया।


नहर में गिरते ही मची चीख-पुकार

जैसे ही कार नहर में गिरी, मौके पर चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास मौजूद राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने बिना देर किए नहर में उतरकर कार सवारों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी।


स्थानीय लोगों की तत्परता से बची जान

स्थानीय लोगों की सूझबूझ और साहस से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद कारोबारी, उनकी पत्नी और बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। नहर में पानी कम होने की वजह से किसी को गंभीर चोट नहीं आई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


पुलिस और क्रेन की मदद से बाहर निकली कार

घटना की सूचना मिलने पर जैंत थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन मंगवाकर नहर में फंसी कार को बाहर निकलवाया। हालांकि इस हादसे में कार को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन राहत की बात यह रही कि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।


गूगल मैप पर निर्भरता फिर बनी सवाल

यह घटना एक बार फिर गूगल मैप और अन्य नेविगेशन ऐप्स पर पूरी तरह निर्भर रहने को लेकर सवाल खड़े करती है। खासतौर पर कोहरे, रात और ग्रामीण इलाकों में गलत रास्ते दिखने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में स्थानीय संकेतों, सड़क संकेतकों और सतर्कता पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए।

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