“हनुमानगढ़ में इथेनॉल प्लांट को लेकर बड़ा बवाल—दीवार तोड़ने की कोशिश, वाहनों में आग, कस्बा छावनी में तब्दील”
“राजस्थान के हनुमानगढ़ में इथेनॉल प्लांट के विरोध ने बुधवार को उग्र रूप ले लिया। राठीखेड़ा गांव के पास प्लांट निर्माण स्थल पर हजारों की भीड़ अचानक भड़क गई, भीड़ ने बैरिकेड तोड़े, वाहनों को आग के हवाले किया और फैक्ट्री की दीवार गिराने की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया, जिसमें विधायक अभिमन्यु पूनिया समेत 30 से ज़्यादा लोग घायल हुए। टिब्बी कस्बा छावनी में तब्दील है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।”
टिब्बी में इथेनॉल प्लांट निर्माण पर भारी बवाल
हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी तहसील बुधवार को उस समय तनाव में डूब गई जब राठीखेड़ा गांव के पास बन रहे एशिया के सबसे बड़े इथेनॉल प्लांट के खिलाफ आंदोलन अचानक उग्र हो गया। पिछले 15 महीनों से चल रहा विरोध बुधवार को महापंचायत के दौरान हिंसक मोड़ लेता दिखा। हजारों की भीड़ मौके पर पहुंची और प्रशासन को हालात नियंत्रित करने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
भीड़ ने बैरिकेड तोड़े, वाहनों में लगाई आग
शुरुआत में किसानों और अधिकारियों के बीच कुछ देर बातचीत चली, लेकिन संवाद की कमी और अव्यवस्था के कारण भीड़ अचानक आक्रामक हो उठी। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री परिसर के चारों ओर लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए और अंदर घुसने का प्रयास किया। इस दौरान कई सरकारी व निजी वाहनों में आग लगा दी गई, वहीं उन्होंने प्लांट की दीवार तोड़ने की भी कोशिश की, जिससे पूरे इलाके में भगदड़ मच गई।
पुलिस का बल प्रयोग—लाठीचार्ज व आंसू गैस
स्थिति बेकाबू होते ही पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज किया गया। इस झड़प में संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया, 24 पुलिसकर्मी और लगभग एक दर्जन प्रदर्शनकारी घायल हुए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की अतिरिक्त फोर्स पूरे इलाके में तैनात है।
स्थानीय किसानों की चिंता—प्रदूषण और जमीन पर प्रभाव
इथेनॉल प्लांट के विरोध की मुख्य वजह पर्यावरण और खेती पर संभावित असर है। किसान संगठनों का कहना है कि फैक्ट्री के संचालन से क्षेत्र का भूजल और मिट्टी प्रदूषित हो सकती है, जिससे उपजाऊ जमीन का नुकसान तय है। इसी चिंता को लेकर लंबे समय से आंदोलन जारी है। बुधवार को बुलाई गई महापंचायत में लोगों ने प्लांट निर्माण को तुरंत रोकने की मांग दोहराई।
प्रशासन की अपील—महापंचायत से पहले संवाद नहीं हुआ
जिला प्रशासन ने बताया कि महापंचायत से पहले किसान नेताओं से वार्ता के लिए कई बार अपील की गई, लेकिन कोई प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए आगे नहीं आया। शाम तक हालात सामान्य थे, मगर अचानक कुछ आंदोलनकारियों के उग्र होने से स्थिति नियंत्रण से बाहर निकल गई। प्रशासन का कहना है कि शांति बहाली के लिए पुलिस तैनाती बढ़ा दी गई है।
कस्बा छावनी में तब्दील, इंटरनेट सेवा बंद
बवाल के बाद टिब्बी कस्बे में सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है। प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात है और किसी भी तरह की अफवाह रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
डॉ. खुशाल यादव, जिला कलक्टर, हनुमानगढ़