दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा में बड़ी चूक: बैरिकेड तोड़कर घुसी कार, नकाबपोश ड्राइवर समेत 3 हिरासत में
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। दिल्ली विधानसभा परिसर में एक कार बैरिकेड तोड़कर अंदर घुस गई और स्पीकर कार्यालय के पास संदिग्ध तरीके से गुलदस्ता रखकर फरार हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है।
वीआईपी गेट से जबरन घुसा वाहन, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे एक यूपी नंबर की कार विधानसभा के गेट नंबर-2 पर लगी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए अंदर प्रवेश कर गई। यह गेट आमतौर पर वीआईपी मूवमेंट के लिए इस्तेमाल होता है, जिससे सुरक्षा में चूक का मामला और गंभीर हो गया है। कार चालक ने अपना चेहरा ढक रखा था, जिससे उसकी पहचान छिपी रहे। घटना के तुरंत बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।
स्पीकर ऑफिस के पास गुलदस्ता रखकर फरार हुआ आरोपी
अधिकारियों के अनुसार, कार सीधे विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर बढ़ी। पोर्च के पास चालक ने एक गुलदस्ता रखा और फिर कार लेकर तेजी से मौके से निकल गया। इस संदिग्ध हरकत के चलते सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया और तुरंत जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में गुलदस्ते में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई, लेकिन घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
तीन संदिग्ध हिरासत में, कार बरामद
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें एक आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी सरबजीत के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई टाटा सिएरा कार भी बरामद कर ली है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना के पीछे की मंशा का पता लगाने की कोशिश जारी है।
सुरक्षा बढ़ाई गई, CRPF तैनात
घटना के बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। गेट नंबर-2 पर अब केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है और हर आने-जाने वाले की सघन जांच की जा रही है। हाल ही में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद यह घटना और भी संवेदनशील मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं।
पहले भी हो चुका है हाई-प्रोफाइल हमला
इस घटना से पहले 20 अगस्त 2025 को भी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला हुआ था। आरोपी ने शिकायतकर्ता बनकर उनके पास पहुंचकर अचानक हमला कर दिया था, जिसमें मुख्यमंत्री को चोटें आई थीं। उस मामले में आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।