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लाल किला ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा: 2 किलो अमोनियम नाइट्रेट से उड़ाया गया धमाका, डॉक्टर नेटवर्क की जांच तेज…

दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट केस में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती जांच में पता चला है कि विस्फोट में करीब 2 किलो अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। वहीं गिरफ्तार चिकित्सक डॉ. मुजम्मिल गनई के संपर्कों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ चिंतित हैं—क्योंकि हरियाणा के अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े कम से कम 15 डॉक्टर फिलहाल लापता बताए जा रहे हैं। यह खुलासा मामले को और गंभीर बना रहा है।

2 किलो अमोनियम नाइट्रेट से तैयार हुआ विस्फोटक

जांच अधिकारियों को घटनास्थल से मिले अवशेषों के आधार पर पता चला कि ब्लास्ट में अमोनियम नाइट्रेट का भारी मात्रा में उपयोग किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार यह सामग्री आसानी से उपलब्ध होती है और कम लागत में बड़ा धमाका कर सकती है।

डॉ. मुजम्मिल गनई की गिरफ्तारी से खुला नया नेटवर्क

धमाके के सिलसिले में पकड़े गए चिकित्सक मुजम्मिल गनई के पिछले संपर्क एजेंसियों की चिंता बढ़ा रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक वह हरियाणा स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े डॉक्टरों के एक समूह से लगातार संपर्क में था।

विश्वविद्यालय से जुड़े 15 डॉक्टर अचानक लापता

सूत्रों का दावा है कि विश्वविद्यालय से जुड़े और डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में रहे करीब 15 डॉक्टर अचानक गायब हो गए हैं। इनके मोबाइल फोन बंद हैं और घरों पर भी मौजूद नहीं हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं यह नेटवर्क किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा तो नहीं।

जांच एजेंसियों के लिए नई चुनौती: ‘मेडिकल प्रोफेशनल नेटवर्क’

मामले में चिकित्सकों के शामिल होने की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों की चिन्ता बढ़ा दी है। मेडिकल प्रोफेशनल्स के नेटवर्क का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में होने की संभावना एक नई और खतरनाक प्रवृत्ति मानी जा रही है। इससे जांच दायरा और व्यापक हो गया है।

तकनीकी और डिजिटल सुरागों के आधार पर छानबीन जारी

एजेंसियां वर्तमान में फोन रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि मुजम्मिल और लापता डॉक्टरों के बीच किस प्रकार का संवाद था और क्या इनका संबंध किसी बाहरी संगठन से जुड़ता है।

अब पूरे नेटवर्क पर कसेगी शिकंजा

जांच टीम इन सभी संपर्कों की जाँच कर रही है और कई राज्यों में छापेमारी की तैयारी की जा रही है। ब्लास्ट केस केवल एक घटना नहीं बल्कि एक संगठित तंत्र का हिस्सा हो सकता है—यह आशंका एजेंसियों को विस्तृत पड़ताल की ओर ले गई है।

सुरक्षा एजेंसियों का दावा: जल्द आएंगे और बड़े खुलासे

जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियाँ और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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