दिल्ली धमाका जांच में बड़ा खुलासा: गुरुग्राम के सोहना से भी जुड़ा अमोनियम नाइट्रेट का सुराग…
दिल्ली धमाके की जांच अब हर घंटे नया मोड़ ले रही है।
एनआईए की तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि धमाके में इस्तेमाल किए गए अमोनियम नाइट्रेट की खरीद गुरुग्राम के सोहना अनाज मंडी से हुई थी।
दो स्थानीय दुकानदारों से ऑनलाइन पेमेंट के जरिए किया गया यह सौदा अब जांच एजेंसियों को सीधे जम्मू-कश्मीर तक ले जा रहा है।
सोहना अनाज मंडी से अमोनियम नाइट्रेट की खरीद का खुलासा
एनआईए की शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमाके की साजिश रचने वालों ने गुरुग्राम के सोहना अनाज मंडी में मौजूद दो व्यापारियों से अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था। यह खरीदारी सामान्य ऑर्डर की तरह दिखाई गई, ताकि किसी को शक न हो सके।
जम्मू-कश्मीर से किया गया ऑनलाइन भुगतान बना सबसे बड़ा सुराग
एजेंसियों को पता चला है कि दोनों दुकानदारों को ऑनलाइन भुगतान जम्मू-कश्मीर में बैठे एक व्यक्ति के बैंक खाते से किया गया था। यह लेनदेन अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गया है, क्योंकि इससे पूरे नेटवर्क की दिशा स्पष्ट होती दिख रही है।
एनआईए की टीम ने दुकानदारों से पूछताछ की, बिल और रिकॉर्ड जब्त
एनआईए ने दोनों दुकानदारों से लंबी पूछताछ की है। जांच टीम ने बिक्री रजिस्टर, बिल, लेनदेन का रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में ले लिया है। शुरुआती बयान में दुकानदारों ने बताया कि उन्हें यह सिर्फ एक सामान्य रासायनिक ऑर्डर लगा था।
जम्मू-कश्मीर कनेक्शन ने बढ़ाई एजेंसियों की सतर्कता
ऑनलाइन पेमेंट और रासायनिक खरीद को जोड़कर देखा जाए तो जांच एजेंसियां मान रही हैं कि यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
यह भी जांच की जा रही है कि क्या किसी स्थानीय व्यक्ति का इस्तेमाल सिर्फ पेमेंट या कूरियर चैनल के लिए किया गया था।
धमाके की साजिश में ‘लॉजिस्टिक नेटवर्क’ की तलाश तेज
एनआईए अब उन व्यक्तियों की तलाश में है जिन्होंने
अमोनियम नाइट्रेट खरीदा
या फिर दिल्ली तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।
जांच का फोकस अब साजिशकर्ताओं के लॉजिस्टिक मॉड्यूल पर है, ताकि पूरी चेन का पर्दाफाश किया जा सके।
खरीदारी का तरीका बताता है—साजिश बेहद योजनाबद्ध थी
ऑनलाइन पेमेंट, अनाज मंडी से साधारण खरीदारी और बाहरी राज्यों में बैठे लोगों की भागीदारी—ये सभी संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि यह पूरा ऑपरेशन साफ-सुथरे तरीके से छिपाने के इरादे से संचालित किया गया था।
जांच जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, उससे साफ है कि साजिशकर्ता एक पैन-इंडिया नेटवर्क की तरह काम कर रहे थे।