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दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा: प्रोफेसर के दो गुप्त अड्डे बेनकाब…

फरीदाबाद/दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट की जांच में NIA को एक के बाद एक चौंकाने वाले सुराग मिल रहे हैं। हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में एजेंसी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े प्रोफेसर मुज़म्मिल के दो नए छिपे ठिकानों का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि वह कार बम के लिए विस्फोटक उपकरण तैयार करने और करीब 2,600 किलो अमोनियम नाइट्रेट खरीदने में शामिल था।

12 दिन तक मस्जिद के पीछे छिपा बारूद: प्रोफेसर की ‘राज़ की दुकान’ खुली

सूत्रों का कहना है कि मुज़म्मिल ने भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट को यूनिवर्सिटी के पास स्थित एक मस्जिद के पीछे खेत में बने शेड में लगभग 12 दिन तक छिपाकर रखा। शेड मालिक को उसने सिर्फ कुछ सामान रखने की कहानी सुनाकर बहला दिया। जब शक गहराया तो उसने पूरा माल वहां से हटाकर एक मौलवी के घर पहुंचा दिया।
हालाँकि, 9 नवंबर को फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में वही सामग्री बरामद कर ली।

तीन कमरों का किराया, लेकिन मंसूबे बड़े: खोरी जमालपुर का अड्डा पकड़ा गया

जांच में पता चला कि मुज़म्मिल ने जुलाई में खोरी जमालपुर में तीन कमरों वाला मकान किराए पर लिया था। गांव के पूर्व सरपंच जुम्मा की प्लास्टिक यूनिट की दूसरी मंजिल पर स्थित इस मकान का किराया महज 8 हजार रुपये था। उसने मकान लेने का मकसद फल का कारोबार बताया, लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि यहां विस्फोटक तैयार करने से जुड़ी गतिविधियाँ चलती थीं।

रिश्तेदार बताई पत्नी, तीन महीने बाद मकान छोड़कर गायब

किराए के इस मकान पर मुज़म्मिल अक्सर आता-जाता रहता था। उसके साथ डॉक्टर शाहिन शाहिद भी आती थीं। शुरू में उसने शाहिन को रिश्तेदार बताया, लेकिन NIA की पूछताछ में स्वीकार किया कि वह उसकी पत्नी है। करीब तीन महीने तक इस मकान में सक्रिय रहने के बाद उसने अचानक इसे खाली कर दिया, जिससे उसकी गतिविधियों पर संदेह और गहरा गया।

NIA की चौकसी: सरपंच परिवार से लेकर पूरे मोहल्ले तक पूछताछ

NIA ने खोरी जमालपुर वाले मकान और आसपास के इलाके में विस्तृत पूछताछ की। सरपंच परिवार से प्रोफेसर के आने-जाने वाले लोगों और उसकी गतिविधियों पर जानकारी ली गई। मकान मालिक जुम्मा ने बताया कि उसकी पहली मुलाकात मुज़म्मिल और उमर से अल-फलाह अस्पताल में तब हुई थी, जब वह अपने कैंसर पीड़ित भतीजे के इलाज के लिए गया था।

नेहरू ग्राउंड स्थित केमिकल दुकान से खरीदा गया विस्फोटक

जांच में एक और अहम बात सामने आई—दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ केमिकल फरीदाबाद के नेहरू ग्राउंड की बीआर साइंटिफिक एंड केमिकल्स से खरीदा गया था। दुकान संचालक लाल बाबू लाइसेंसधारी डीलर हैं, जो शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को केमिकल सप्लाई करते हैं। NIA ने दुकान से कई दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और उनसे खरीद-फरोख्त से जुड़ी जानकारी खंगाली जा रही है।

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