अलवर से बड़ी लापरवाही: राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में दो शवों की अदला-बदली, अंतिम संस्कार के बाद खुला मामला
अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय में गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां मोर्चरी में रखे दो शवों की पहचान में गड़बड़ी हो गई। अस्पताल कर्मियों ने अज्ञात व्यक्ति के शव को गलत पहचान के आधार पर एक परिवार को सौंप दिया। परिवार ने बिना शक किए शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।
तीसरे दिन जब परिवार हरिद्वार अस्थि विसर्जन के लिए रवाना होने ही वाला था, तभी पुलिस का फोन आया कि वे गलत बॉडी ले गए हैं और असली शव अस्पताल में ही रखा है। यह सुनकर परिवार सहित पुलिस प्रशासन भी हड़बड़ा गया। मृतक बुजुर्ग के परिजन भी अवाक रह गए कि अब क्या करें, क्योंकि वे तो अपने प्रियजन का संस्कार कर चुके थे।
जानकारी के अनुसार, 6 दिसंबर को दो अज्ञात शव मिले थे—एक जीआरपी को रेलवे ट्रैक के पास और दूसरा औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को। दोनों शव मोर्चरी में सुरक्षित रखे गए थे, लेकिन पहचान के दौरान लापरवाही से शवों की अदला-बदली हो गई। एसएचओ भूपेंद्र चौधरी ने बताया एम आई ए में 6 दिसंबर को अज्ञात शव मिला था , उसके पास आधार कार्ड मिला जिसके आधार पर परिजनों को सूचित कर बुलाया और शव ले गए ,मृतक केदार करीब 40 साल से घर से निकला हुआ था जिससे परिजन शव को पहचान नहीं पाए और गलती से शव दूसरा ले गए ।
मामला तब सामने आया जब जीआरपी थाना पुलिस अपनी कस्टडी वाला शव अंतिम संस्कार करने के लिए लेने के लिए अस्पताल पहुंची। शव का पुरानी फोटो से मिलान नहीं होने पर शक गहराया और जांच में पूरा गड़बड़झाला उजागर हो गया।
इस लापरवाही के बाद राजगढ़ निवासी परिवार, जिसने अपने मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया था, दोबारा अस्पताल पहुंचा और पूरे घटनाक्रम से सकते में है। उन्होंने बताया वह अंतिम संस्कार में 25 हजार रु खर्च कर चुके ।
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।