अलवर POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 साल की कठोर कैद, पीड़िता को 2 लाख प्रतिकर की संस्तुति…
अलवर से बड़ी खबर—POCSO कोर्ट नंबर-3 ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी बेगराज को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुना दी है। कोर्ट ने न सिर्फ अपराध को गंभीर मानते हुए आर्थिक दंड लगाया, बल्कि पीड़िता के पुनर्वास के लिए 2 लाख रुपए प्रतिकर राशि दिलाने की भी अनुशंसा की है।
कोर्ट का कड़ा फैसला: आरोपी को 20 साल की सजा
अलवर की POCSO कोर्ट नंबर-3 ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी बेगराज को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। केस की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने उस पर 27 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया।
2024 में दर्ज हुआ था नाबालिग के गुम होने का मामला
14 मई 2024 को पीड़िता के चाचा ने खैरथल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि नाबालिग भतीजी शौच के लिए खेत की ओर गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। फोन स्विच ऑफ मिलने पर परिवार को आशंका हुई और मामला पुलिस तक पहुंचा।
जांच में सामने आई दुष्कर्म की सच्चाई
पुलिस जांच के दौरान करीब पांच माह बाद आरोपी बेगराज को गिरफ्तार किया गया। नाबालिग के बयान दर्ज हुए, जिसमें उसने साफ कहा कि आरोपी उसे जबरन ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मेडिकल रिपोर्ट और बयान पुलिस जांच का आधार बने।
अभियोजन ने पेश किए 19 गवाह और 17 दस्तावेज
लोक अभियोजक सुनील कुमार ने कोर्ट में मजबूत पैरवी करते हुए कुल 19 गवाह और 17 दस्तावेज पेश किए। सभी साक्ष्यों और पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया
पीड़िता के पुनर्वास के लिए 2 लाख प्रतिकर की अनुशंसा
सजा सुनाते हुए जज हिमांकिनी गौड़ ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए कि पीड़िता को 2 लाख रुपए प्रतिकर योजना के तहत दिलाए जाएं, ताकि उसके पुनर्वास और जीवन को बेहतर दिशा देने में मदद मिल सके।
यह फैसला साबित करता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध पर कोर्ट की दृष्टि बिल्कुल सख्त है। लंबी जांच और मजबूत साक्ष्यों के बाद सुनाया गया यह निर्णय न सिर्फ कानून की जीत है, बल्कि पीड़ितों के लिए एक उम्मीद भी है। पोक्सो कोर्ट का यह आदेश समाज को स्पष्ट संदेश देता है कि ऐसे अपराधों के लिए कोई नरमी नहीं दिखाई जाएगी।