महाराष्ट्र लोकायुक्त कानून में बड़ा बदलाव, अन्ना हजारे की चेतावनी के अगले ही दिन सरकार हरकत में
अन्ना हजारे की चेतावनी का असर—महाराष्ट्र सरकार ने लोकायुक्त कानून में किया बड़ा संशोधन
महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार विरोधी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा लोकायुक्त कानून लागू न होने पर जनवरी 2026 से आमरण अनशन की चेतावनी देने के ठीक अगले दिन राज्य सरकार ने विधानसभा में इस कानून को संशोधित करते हुए महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दे दी है। नया संशोधन पारदर्शिता बढ़ाने और उच्च प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
अन्ना हजारे की चेतावनी के बाद राजनीतिक हलचल तेज
समाजसेवी अन्ना हजारे ने गुरुवार को साफ चेतावनी दी थी कि यदि महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून का सही रूप से क्रियान्वयन नहीं हुआ तो वह जनवरी 2026 में आमरण अनशन शुरू करेंगे।
उनकी इस चेतावनी ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी और सरकार पर दबाव भी बढ़ा। अन्ना लंबे समय से मजबूत लोकायुक्त प्रणाली की मांग करते रहे हैं।
विधानसभा में लोकायुक्त कानून में बड़ा संशोधन
चेतावनी के एक दिन बाद ही महाराष्ट्र विधानसभा में लोकायुक्त कानून से जुड़ा अहम प्रस्ताव पेश किया गया।
इस प्रस्ताव के तहत आईएएस अधिकारियों को भी लोकायुक्त ऐक्ट के दायरे में शामिल करने का फैसला लिया गया।
विधानसभा ने इस संशोधन को मंजूरी दे दी और इसके साथ ही लोकायुक्त कानून, 2023 में आधिकारिक बदलाव हो गया।
आईएएस अधिकारी अब लोकायुक्त जांच के दायरे में
पहले लोकायुक्त कानून का दायरा सीमित था, लेकिन नए संशोधन के बाद शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
अब आईएएस स्तर के अधिकारी भी लोकायुक्त की जांच के अधीन होंगे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष स्तर तक जवाबदेही तय होगी।
विशेषज्ञ इसे शासन में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।
सरकार का दावा—बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही
राज्य सरकार ने कहा है कि इस बदलाव से पूरी प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा।
सरकार के अनुसार, भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में जांच अब और अधिक निष्पक्ष व प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
विधानसभा में यह प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री एवं एंकर मंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पेश किया गया, जिसे बिना विरोध के मंजूरी मिल गई।
अन्ना के दबाव ने बढ़ाई सरकार की गति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्ना हजारे की चेतावनी का सरकार पर सीधा असर दिखा है।
जिस मुद्दे पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, वह 24 घंटे के अंदर कार्रवाई में बदल गया।
यह कदम न केवल सरकार की सक्रियता को दिखाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भ्रष्टाचार विरोधी आवाज़ें अब भी प्रभाव रखती हैं।
संशोधन के बाद महाराष्ट्र अब उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जहां शीर्ष प्रशासनिक पद भी लोकायुक्त की निगरानी में होंगे—जो सुशासन की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।