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नीतीश सरकार में बड़ा बदलाव! अगले महीने हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार, JDU के 6 नए मंत्री लगभग तय……

बिहार की राजनीति अगले महीने एक बार फिर हलचल में लौट सकती है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि नीतीश मंत्रिपरिषद का विस्तार जल्द होने वाला है और इसमें जेडीयू कोटे के छह नये चेहरों को शामिल किए जाने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। जातीय संतुलन और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए जेडीयू इस बार कुशवाहा और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को प्राथमिकता दे सकती है। फिलहाल मंत्रिमंडल में 9 पद खाली हैं, जिनमें 6 जेडीयू और 3 बीजेपी कोटे के शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार दिसंबर–जनवरी के बीच CM नीतीश कुमार अपने मंत्रिपरिषद में बड़ा विस्तार कर सकते हैं।
अभी मंत्रिमंडल में कुल 36 की अनुमति है लेकिन वर्तमान संख्या इससे काफी कम है।
यही वजह है कि सरकार नए चेहरे जोड़कर प्रशासनिक गति बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

एनडीए ने पहले ही मंत्रिपदों का बंटवारा तय कर रखा है—

  • बीजेपी → 17
  • जेडीयू → 15 (सीएम सहित)
  • एलजेपी → 2
  • हम व RLSP → 1-1

इस हिसाब से अभी

  • बीजेपी के 3
  • जेडीयू के 6
    मंत्रियों की नियुक्ति बाकी है।

फॉर्मूला स्थिर है, इसलिए बड़े राजनीतिक उतार-चढ़ाव की संभावना कम है। यह विस्तार सिर्फ पदों की पूर्ति जैसा दिख रहा है, न कि समीकरण बदलने वाली राजनीतिक चाल।

  • किन मंत्रियों के पास कितने विभाग? विभागों का पुनर्वितरण तय**

जेडीयू के मौजूदा मंत्रियों के पास कई विभागों का अतिरिक्त भार है—

  • विजेंद्र प्रसाद यादव → 5 विभाग
  • विजय चौधरी → 4 विभाग
  • श्रवण कुमार → 2 विभाग
  • सुनील कुमार → 2 विभाग

बीजेपी के कोटे में भी

  • विजय सिंह, मंगल पांडेय, नितिन नवीन, अरुण शंकर प्रसाद → 2-2 विभाग
    सौंपे गए हैं।

नए मंत्री आने पर इनमें से कुछ विभागों का विभाजन होगा।

विभागों की अत्यधिक जिम्मेदारी शासन में अक्षमता पैदा कर रही थी। इसलिए नए मंत्रियों के आने से कार्यभार संतुलित होगा।

  • जेडीयू में नए चेहरों का दबदबा बढ़ सकता है**

सूत्र बताते हैं कि जेडीयू इस बार कई नए नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल कर सकती है।
हालांकि पार्टी ने साफ किया कि वह दूसरे दलों के विधायकों को तोड़कर शामिल करने का कोई प्रयास नहीं कर रही है।

यह संदेश BJP–JDU गठबंधन में स्थिरता दिखाने का प्रयास है, ताकि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले किसी तरह की राजनीतिक अस्थिरता का संदेश न जाए।

  • राज्यसभा समीकरण पर जेडीयू की रणनीति स्पष्ट**

JDU सूत्रों के अनुसार इस समय दूसरे दलों को तोड़ने या अतिरिक्त समर्थन जुटाने की आवश्यकता नहीं है।
राज्यसभा चुनाव में अभी 6 महीने का समय है और मौजूदा संख्या बल के हिसाब से NDA सभी 5 सीटें जीतने की स्थिति में है।

इसका अर्थ यह है कि जेडीयू और बीजेपी वर्तमान गठबंधन पर पूरी तरह भरोसा कर रहे हैं। यह कहना साफ संकेत है कि फिलहाल कोई राजनीतिक उथल-पुथल की आशंका नहीं है।

  • नीतीश कैबिनेट में नए चेहरे, नए समीकरण—बिहार प्रशासन में तेज़ी की तैयारी**

अगले महीने होने वाला विस्तार

  • राजनीतिक संदेश के तौर पर
  • जातीय संतुलन के लिहाज़ से
  • और प्रशासनिक सुधार के दृष्टिकोण से
    काफी अहम माना जा रहा है।

जेडीयू के पास छह नए चेहरों को अवसर देने का मौका है, जिससे नीतीश सरकार आने वाले महीनों में अपना प्रदर्शन बेहतर करने की कोशिश करेगी।

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