राजस्थान में भर्ती घोटाले पर एसओजी की बड़ी कार्रवाई!
जयपुर
राजस्थान में ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा-2016 से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा फिर बेनकाब हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने डमी अभ्यर्थी के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने वाले मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपी अब कानून के शिकंजे में है।
ग्राम सेवक भर्ती-2016 में डमी कैंडिडेट घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
मुख्य आरोपी लाडूराम विश्नोई एसओजी के हत्थे चढ़ा
एसओजी ने ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा-2016 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले मुख्य आरोपी लाडूराम विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है।
वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
यह गिरफ्तारी साबित करती है कि एसओजी पुराने मामलों को भी गंभीरता से खंगालकर दोषियों तक पहुंच रही है। फरार आरोपी पर इनाम घोषित होना भी यह संकेत देता है कि वह जानबूझकर कानून से बचने की कोशिश करता रहा।
परिवाद ने खोला घोटाले का पूरा राज
एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, यह पूरा मामला एसओजी को मिली एक परिवाद के बाद सामने आया।
शिकायत में आरोप था कि लाडूराम विश्नोई ने खुद परीक्षा देने की बजाय अपनी जगह एक डमी अभ्यर्थी को बैठाकर नौकरी हासिल की।
परिवाद के जरिए उजागर हुआ यह मामला राजस्थान की चयन प्रणाली पर सवाल उठाता है। यह दर्शाता है कि अभ्यर्थी पैसे और सेटिंग के दम पर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।
जांच में सामने आया सौदा: गोपाल विश्नोई बना था डमी कैंडिडेट
एसओजी की पड़ताल में पता चला कि लाडूराम ने अपनी जगह परीक्षा दिलवाने के लिए गोपाल विश्नोई नामक व्यक्ति से सौदा किया था।
गोपाल विश्नोई खुद द्वितीय ग्रेड शिक्षक के रूप में जोधपुर में कार्यरत था।
एसओजी इस डमी अभ्यर्थी को 19 दिसंबर 2024 को ही गिरफ्तार कर चुकी है।
यह तथ्य बेहद चौंकाने वाला है कि एक सरकारी शिक्षक ही डमी अभ्यर्थी बनकर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा था। यह सरकारी तंत्र में मौजूद आंतरिक भ्रष्टाचार को उजागर करता है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
एसओजी अब इस पूरे नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।
संकेत हैं कि यह एक संगठित गिरोह था, जो पैसे लेकर अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का काम करता था।
यह गिरफ्तारी सिर्फ शुरुआत है। गिरोह के अन्य सदस्यों के पकड़े जाने पर कई और भर्ती परीक्षाओं में भी गड़बड़ियों का खुलासा हो सकता है।
ग्राम सेवक भर्ती-2016 में डमी अभ्यर्थी के सहारे नौकरी हासिल करने का मामला एक बार फिर चर्चाओं में है। एसओजी की कार्रवाई से साफ है कि राज्य में भर्ती से जुड़े अपराधों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
यह कदम न केवल दोषियों को बेनकाब करेगा, बल्कि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने में भी मदद करेगा।