महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ में 36 घंटे अखंड दर्शन, VIP व्यवस्था स्थगितवाराणसी में शिवरात्रि को लेकर ऐतिहासिक तैयारी
महादेव की नगरी काशी में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार मंदिर के कपाट लगातार खुले रखने का फैसला लिया है, ताकि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में देश-विदेश से 10 लाख से ज्यादा शिवभक्तों के आने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह आम श्रद्धालुओं के लिए समर्पित किया गया है।
15 फरवरी को सुबह 4 बजे खुलेंगे कपाट
महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी को मनाई जाएगी। मंदिर प्रशासन के निर्णय के अनुसार,
15 फरवरी की सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद
- बाबा विश्वनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे
- कपाट 16 फरवरी सुबह 6 बजे तक लगातार खुले रहेंगे
- इस दौरान श्रद्धालु झांकी दर्शन के साथ बाबा को जल अर्पित कर सकेंगे।
- VIP और सुगम दर्शन पर पूर्ण रोक
- भक्तों की समानता और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने महाशिवरात्रि के दिन
- सुगम दर्शन टिकट
- VIP और VVIP प्रोटोकॉल दर्शन
को पूरी तरह स्थगित कर दिया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु को बिना किसी भेदभाव के सहज दर्शन का अवसर मिल सके।
- चार पहर विशेष आरती और शिव झांकियों का आयोजन
- इस बार महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में आरती व्यवस्था भी विशेष रहेगी।
- मंगला और भोग आरती के बाद
- चार अलग-अलग पहरों में विशेष आरतियों का आयोजन किया जाएगा
- साथ ही, भगवान शिव के जीवन और लीलाओं से जुड़ी विशेष झांकियां भी श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ प्रदर्शित की जाएंगी।
- श्रद्धालुओं से व्यवस्था में सहयोग की अपील
मंदिर प्रशासन ने सभी शिवभक्तों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और धैर्य बनाए रखते हुए दर्शन करें, ताकि महाशिवरात्रि का पर्व शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्वक संपन्न हो सके।