लुधियाना हत्याकांड का खुलासा ड्रम में मिला शव, दोस्त और पत्नी गिरफ्तार…
पंजाब के लुधियाना से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। यहां मृतक दविंदर का शव एक ड्रम में मिलने के बाद पुलिस ने मामले को सुलझाया। जांच में सामने आया कि मृतक के करीबी दोस्त शेरा और उसकी पत्नी कुलदीप कौर ने मिलकर हत्या की और शव के टुकड़े कर उसे छुपाने की कोशिश की।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
दविंदर 36 वर्षीय था और भारती कॉलोनी लुधियाना का निवासी था। पेशे से वह कंप्यूटरीकृत कनिटिंग मशीन का कारीगर और मैकेनिक था। पिछले 4–5 महीने वह मुंबई में मशीन संबंधित काम कर रहा था और दो दिन पहले ही घर लौटा था। दविंदर शादीशुदा था और उसकी सात महीने की एक बेटी है।
हत्या की वजह: पैसों का विवाद
पुलिस के मुताबिक, दविंदर और उसके दोस्त शेरा के बीच नशे की हालत में पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। इसी विवाद के चलते शेरा और उसकी पत्नी ने मिलकर दविंदर की हत्या की। हत्या के बाद उन्होंने शव को आरी से छह टुकड़ों में काटा। कुछ हिस्से बोरी में रखे गए और सिर वाला हिस्सा सफेद ड्रम में डालकर जालंधर बाइपास स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल के पास खाली प्लॉट में फेंक दिया।
ड्रम से बदबू आने पर हुआ शक
गुरुवार सुबह एक राहगीर ने ड्रम देखा, जिसमें से तेज बदबू आ रही थी। उसने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ड्रम से शव के टुकड़े बाहर निकाले। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम सबूत जुटाए। शरीर के हिस्सों को जबरन ठूंसा गया था और कुछ हिस्से बुरी तरह जले हुए थे।
CCTV फुटेज में पकड़ा गया दोस्त
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। एक व्यक्ति बाइक पर ड्रम ले जाते हुए दिखाई दिया। परिवार ने फुटेज देखकर उसकी पहचान शेरा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने शेरा और उसकी पत्नी कुलदीप को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
जांच में उभर रहे नए पहलू
पुलिस को शक है कि हत्याकांड में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। CCTV फुटेज में देखा गया कि ड्रम को बाइक पर ले जाते समय पीछे से कोई और व्यक्ति भी पकड़े हुए नजर आया। शेरा मृतक का करीबी दोस्त था और उनके घर के पास ही रहता था। पुलिस ने दोनों को शहर छोड़ने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किया।
आगे की जांच
पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। इसमें हत्या की सटीक वजह, मृतक और आरोपी के बीच के वित्तीय लेन-देन, और अन्य संभावित संदिग्धों की भूमिका पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह मामला पंजाब में दोस्ती और विश्वास के नाम पर हुई घातक घटना के रूप में याद किया जाएगा।