#क्राइम #देश दुनिया #राज्य-शहर

झूठा प्यार, फिर हैवानियत: लंदन में कैसे काम करता है ग्रूमिंग गैंग का जाल?


ब्रिटेन में बालिकाओं के यौन शोषण के मामले एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लंदन से सामने आई हालिया घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि संगठित ‘ग्रूमिंग गैंग’ किस तरह नाबालिग लड़कियों को प्रेम, भरोसे और लालच के जाल में फंसाकर शोषण का शिकार बनाते हैं। समुदाय की सतर्कता से एक पीड़िता को बचाया जा सका, लेकिन यह मामला एक बड़े और पुराने संकट की ओर इशारा करता है।


वेस्ट लंदन की घटना: प्रेम जाल से शुरू हुई त्रासदी

जानकारी के मुताबिक, वेस्ट लंदन में रहने वाली एक 14 वर्षीय सिख लड़की को पहले दोस्ती और भरोसे में लिया गया, फिर अगवा कर एक फ्लैट में बंद कर दिया गया। आरोप है कि वहां कई लोगों ने उसके साथ सामूहिक यौन शोषण किया। लड़की ने भागने की कोशिश की, लेकिन धमकियों के जरिए उसे चुप रहने पर मजबूर किया गया।


समुदाय की तत्परता: सैकड़ों लोगों ने घेराबंदी कर छुड़ाया

जब घटना की जानकारी स्थानीय लोगों तक पहुंची, तो हाउंस्लो समेत आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। कुछ ही समय में 200 से अधिक लोग उस फ्लैट के बाहर पहुंच गए। घंटों चले दबाव और विरोध के बाद पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। यह हस्तक्षेप उसकी जान और भविष्य के लिए निर्णायक साबित हुआ।


ब्रिटेन में संगठित ग्रूमिंग: अकेला मामला नहीं

यह घटना किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है। ब्रिटेन के कई शहरों से समय-समय पर संगठित गैंग द्वारा नाबालिग लड़कियों को फंसाने, ले जाने और शोषण करने की खबरें आती रही हैं। आरोप है कि कई मामलों में अपराधी नेटवर्क की तरह काम करते हैं और पीड़िताओं को डराकर, ब्लैकमेल कर या अलग-अलग स्थानों पर भेजकर अपराध को छिपाने की कोशिश करते हैं।


ग्रूमिंग गैंग का तरीका: कैसे बनाया जाता है शिकार

रिपोर्ट्स और जांचों में सामने आए पैटर्न के अनुसार—

  • टारगेट: आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की 11–16 वर्ष की लड़कियां।
  • पहला संपर्क: सोशल मीडिया या आसपास के इलाकों में दोस्ती/रिश्ते का दिखावा।
  • लालच और भरोसा: महंगे गिफ्ट, प्यार या शादी का वादा।
  • फंसाने के बाद: परिवार-दोस्तों से दूरी, डर और ब्लैकमेल।
  • अपराध: सामूहिक शोषण, धमकियों के जरिए चुप्पी, और कभी-कभी पीड़िताओं को दूसरी जगहों पर भेज देना।

रॉदरहैम की भयावह मिसाल: 1,400 से अधिक पीड़िताएं

ब्रिटेन में बाल यौन शोषण का यह संकट नया नहीं है। यॉर्कशायर के रॉदरहैम में 1997 से 2013 के बीच की गई स्वतंत्र जांच में कम से कम 1,400 नाबालिग लड़कियों के शोषण की पुष्टि हुई थी। जांच में पाया गया कि कई मामलों में संगठित गैंग ने बहला-फुसलाकर तस्करी और शोषण किया, जबकि संस्थागत स्तर पर समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हो पाई।


सार्वजनिक दबाव: जवाबदेही की मांग

बाल यौन शोषण के मामलों को लेकर ब्रिटेन में कई जानी-मानी हस्तियों ने सरकार से सख्त कदम और जवाबदेही की मांग की है। ताज़ा घटना ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता, पीड़ित-केंद्रित सहायता और समुदाय-स्तर पर सतर्कता को कैसे मजबूत किया जाए।


समस्या की जड़ और आगे की राह

क्यों पनपता है यह अपराध?

  • सामाजिक-आर्थिक असुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग।
  • पीड़िताओं का डर, बदनामी का भय और रिपोर्टिंग में बाधाएं।
  • नेटवर्क के रूप में काम करने वाले अपराधी, जो सबूत मिटाने की कोशिश करते हैं।

क्या जरूरी है?

  • स्कूलों और समुदायों में अर्ली-वॉर्निंग सिस्टम और डिजिटल सेफ्टी शिक्षा।
  • तेज और समन्वित जांच, पीड़िता-अनुकूल न्याय प्रक्रिया।
  • सोशल मीडिया कंपनियों की सख्त मॉडरेशन और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई।
  • पीड़िताओं के लिए काउंसलिंग, कानूनी सहायता और पुनर्वास

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *