‘शोले’ के दिग्गज एक्टर ए के हंगल: इंदिरा गांधी के मौसेरे भाई और संघर्षमय जीवन की कहानी
फिल्म ‘शोले’ के दौरान कई कलाकारों का योगदान सामने आया, लेकिन कुछ सितारे थे जिनकी निजी जिंदगी कम जानी गई। ऐसे ही एक्टर ए के हंगल थे, जो इंदिरा गांधी के मौसेरे भाई भी थे और अपने शांत और सशक्त अभिनय के लिए जाने जाते थे।
🟠 सियालकोट से मुंबई तक संघर्ष की कहानी
ए के हंगल का जन्म पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ और पेशावर में उनका पालन-पोषण हुआ।
- शुरुआती जीवन में उन्होंने दर्जी का काम किया
- स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे और तीन साल जेल में भी रहे
- आजादी के बाद मुंबई आकर थिएटर से करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे फिल्मों में अपनी पहचान बनाई
🟠 फिल्मी करियर और शोले में योगदान
- हंगल ने ‘शोले’ में इमाम चाचा का छोटा लेकिन यादगार रोल निभाया
- अपनी ईमानदार छवि और विचारों के कारण कभी-कभी विवाद भी झेले
- एक समय उनकी कुछ फिल्मों पर बैन भी लगा दिया गया, जिसका असर उनके करियर पर पड़ा
🟠 आर्थिक दिक्कत और अमिताभ बच्चन की मदद
बढ़ती उम्र के साथ हंगल को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा।
- 2007 में स्वास्थ्य समस्याओं के कारण इलाज के खर्चे निकालना मुश्किल हो गया
- इस दौरान अमिताभ बच्चन ने 20 लाख रुपये की मदद की, जिसे पूरे फिल्म उद्योग में सराहा गया
🟠 97 साल की उम्र में निधन और सादगी भरा जीवन
- ए के हंगल का निधन 97 साल की उम्र में हुआ
- अंतिम संस्कार में केवल कुछ चुनिंदा कलाकार ही मौजूद थे
- उनके सादगी, संघर्ष और योगदान ने भारतीय सिनेमा में एक खास जगह बनाई
🟠 संघर्ष और सिनेमा में अमिट छाप
ए के हंगल का जीवन फिल्मी दुनिया के लिए प्रेरणा रहा।
- संघर्ष और मेहनत से उन्होंने अभिनय में खुद की पहचान बनाई
- ‘शोले’ जैसी फिल्मों में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है