कोटा: प्रहलाद गुंजल को पुलिस का नोटिस, बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरता, पुलिस गिरफ्तार कर ले
कोटा में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल को पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूछताछ के लिए नोटिस दिया है। पुलिस के अनुसार, 21 अक्टूबर को अमरकुआं स्थित देवनारायण मंदिर में बिना अनुमति सभा आयोजित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के सिलसिले में गुंजल को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35 के तहत नोटिस दिया गया है। इस पर गुंजल ने कहा कि वे गिरफ्तारी से नहीं डरते और पुलिस चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

मुख्य बातें
- प्रहलाद गुंजल को पुलिस का नोटिस, बोले- गिरफ्तार करना है तो कर लो
- 'कल हमारा राज होगा तो पुलिस दरवाजे पर खड़ी रहेगी', गुंजल का बयान
- कोटा में गुंजल और पुलिस के बीच टकराव, कार्रवाई पर उठाए सवाल
KOTA, 03 NOV. 2026:
घर पहुंचकर पुलिस ने दिया धारा 35 का नोटिस
मंगलवार को अनंतपुरा थाना अधिकारी महेश कारवाल पुलिस टीम के साथ प्रहलाद गुंजल के घर पहुंचे। यहां उन्हें पूछताछ और जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया। थाना अधिकारी के मुताबिक, पंचायतीराज चुनाव के दौरान 21 अक्टूबर को अमरकुआं के देवनारायण मंदिर में बिना अनुमति सभा आयोजित करने का मामला सामने आया था। इस संबंध में रानपुर थाने में आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच अनंतपुरा थाना अधिकारी महेश कारवाल कर रहे हैं।
पुलिस ने जांच के लिए दिया सात दिन का समय
थाना अधिकारी महेश कारवाल ने बताया कि प्रहलाद गुंजल को BNSS की धारा 35 के तहत सूचना दी गई है। पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए सात दिन का समय दिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। नोटिस दिए जाने के बाद गुंजल ने कहा कि उन्हें मुकदमा दर्ज होने की जानकारी है। पुलिस ने उन्हें 10 नवंबर को थाने बुलाया है, लेकिन उन्होंने अगली तारीख पर उपस्थित होने की बात कही है।
गुंजल बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरता, पुलिस गिरफ्तार कर ले
पुलिस नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रहलाद गुंजल ने कहा कि धारा 35 का नोटिस पुलिस की प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वे गिरफ्तारी से नहीं डरते और पुलिस चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। गुंजल ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना है कि मुकदमे दर्ज करके उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि नोटिस और जांच के जरिए उन्हें चुप कराने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
'कल हमारा राज होगा तो पुलिस दरवाजे के बाहर खड़ी रहेगी'
गुंजल ने अपने बयान में पुलिस और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर पुलिस काम कर रही है। उन्होंने कहा, "आज जिनका राज है, उनकी हाजिरी पुलिस बजा रही है। कल हमारा राज होगा, तो दरवाजे के बाहर खड़ी रहेगी।" गुंजल ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के जरिए राजनीति में गलत परंपरा को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत काम करने वालों का हिसाब लिया जाएगा।
पुराने वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज करने का आरोप
प्रहलाद गुंजल ने मुकदमे की वजह और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जिस वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, वह दो साल पुराना भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी संविदाकर्मी राजीव दत्ता को लेकर थी। गुंजल ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से सवाल किया कि इस मामले में राजकार्य में बाधा कहां हुई। उन्होंने कहा कि मुकदमा गलत तरीके से दर्ज किया गया है। हालांकि, वीडियो की वास्तविक तारीख और उसमें मौजूद कथनों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी मामले की स्थिति
इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति सभा आयोजित करने के आरोप की जांच की जा रही है। वहीं, प्रहलाद गुंजल ने मुकदमे को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए आरोपों को गलत कहा है। फिलहाल पुलिस ने उन्हें नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए कहा है। अब जांच के दौरान वीडियो, सभा की अनुमति और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। इसके बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
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