कोटा में दर्दनाक हादसा, तीन मंजिला इमारत ढही—मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रातभर चला रेस्क्यू….
राजस्थान के कोटा शहर में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया, जब तलवंडी क्षेत्र में स्थित तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय इमारत के भूतल पर चल रहे रेस्टोरेंट में कर्मचारी और ग्राहक मौजूद थे। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए पुलिस, प्रशासन और राहत दलों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। घटना ने शहर में दहशत और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
रात 9 बजे अचानक ढही इमारत, रेस्टोरेंट में मौजूद थे लोग
7 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे तलवंडी इलाके में स्थित एक तीन मंजिला भवन अचानक ढह गया। भवन के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित रेस्टोरेंट में उस समय कई लोग भोजन कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे ने आसपास के लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और देखते ही देखते पूरी संरचना मलबे में बदल गई।
मलबे से लोगों को निकालने के लिए तुरंत शुरू हुआ रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। शुरुआती कार्रवाई में कई लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया—तेज धमाके जैसी आवाज के बाद गिरी इमारत
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे से ठीक पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके कुछ ही क्षण बाद पूरी इमारत ढह गई। मलबे के भीतर से मदद के लिए पुकारें सुनाई देती रहीं, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य में सहयोग किया और प्रशासन को सूचना दी।
पास के निर्माण कार्य से कंपन की आशंका, जांच के आदेश
क्षेत्र के कुछ दुकानदारों ने दावा किया कि पास में चल रहे निर्माण कार्य के कारण लगातार कंपन महसूस हो रहा था, जिससे इमारत की संरचना कमजोर पड़ सकती है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
क्षेत्र सील, बचाव अभियान जारी
हादसे के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। रेस्क्यू टीम लगातार मलबे की जांच कर यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए। अधिकारियों के अनुसार अंतिम स्थिति रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटनास्थल पर पहुंचे मंत्री, अधिकारियों को दिए निर्देश
राज्य सरकार के मंत्री मदन दिलावर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को तेजी से राहत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की है।
सुरक्षा मानकों और शहरी निर्माण व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने शहर में भवन निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से हो रहे शहरी विकास के बीच संरचनात्मक सुरक्षा की नियमित जांच आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।