🚨 कोरियन लव गेम क्या है? कैसे मिलते हैं ‘टास्क’ और क्यों गाजियाबाद में 3 बहनें टूट गईं
गाजियाबाद | साइबर & क्राइम डेस्क
गाजियाबाद में 12, 14 और 16 साल की तीन सगी बहनों की मौत ने देशभर के माता-पिता को झकझोर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों नाबालिग पिछले करीब पाँच साल—यानी कोरोना काल से—एक कथित ‘कोरियन लव गेम’ की गिरफ्त में थीं। सवाल यह है कि यह गेम बच्चों के दिमाग पर कैसे कब्जा करता है और उन्हें ऐसे खतरनाक फैसलों तक कैसे धकेल देता है?
🕯️ घटना जिसने सबको सन्न कर दिया
मंगलवार देर रात, एक हाई-राइज़ अपार्टमेंट की नौवीं मंज़िल से कूदने से तीनों बहनों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में किसी पारिवारिक विवाद के संकेत नहीं मिले। सुसाइड नोट और डिजिटल ट्रेल ने पुलिस का ध्यान एक ऑनलाइन इंटरएक्टिव गेम की ओर खींचा।
🎮 क्या है ‘Korean Love Game’?
यह कोई सामान्य मोबाइल गेम नहीं, बल्कि ऑनलाइन, टास्क-बेस्ड इंटरएक्टिव साइकोलॉजिकल गेम बताया जा रहा है। इसका प्रचार व प्रसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ऐप्स के ज़रिये होता है।
इसका नारा बताया जा रहा है—“We are not Indians, we are Koreans” (हम भारतीय नहीं, हम कोरियन हैं)।
💬 दोस्ती से शुरू, नियंत्रण पर खत्म
खेल की शुरुआत बातचीत से होती है। स्क्रीन के पीछे बैठा व्यक्ति खुद को कोरियन या विदेशी युवक/युवती बताकर दोस्ती और प्यार की बातें करता है। मकसद—बच्चे का भरोसा जीतना।
भरोसा बनते ही छोटे-छोटे ‘टास्क’ दिए जाते हैं, जो शुरुआत में बेहद आसान होते हैं।
⚠️ टास्क कैसे जानलेवा बनते हैं
समय के साथ टास्क की प्रकृति बदलती जाती है—
- आसान निर्देश → मानसिक दबाव वाले निर्देश
- आज्ञाकारिता की जांच → डर और धमकी
- मना करने पर निजी जानकारी या परिवार को नुकसान पहुंचाने की आशंका
यहीं से खेल मनोरंजन नहीं रहता, बल्कि मानसिक नियंत्रण का औज़ार बन जाता है।
🧠 कोरोना काल में कैसे फंसीं बच्चियां
जांच के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद थे और स्क्रीन-टाइम अचानक बढ़ा। इसी दौरान तीनों बहनें इस ऑनलाइन जाल में फंसती चली गईं। बताया जा रहा है कि वे अपनी पहचान से कटने लगी थीं—यहाँ तक कि कोरियन नाम तक अपना लिए थे।
🔍 बच्चों में दिखने वाले चेतावनी संकेत
विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसे गेम्स का शिकार बच्चों में ये बदलाव दिख सकते हैं—
- अचानक चिड़चिड़ापन या व्यवहार में तीखा बदलाव
- हर वक्त तनाव या गुमसुम रहना
- परिवार से दूरी, अकेले मोबाइल में डूबे रहना
- अजीब/खतरनाक टास्क करने की ज़िद
🐋 ब्लू व्हेल से मिलती-जुलती संरचना
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस कथित गेम का पैटर्न कुख्यात ब्लू व्हेल चैलेंज से मिलता-जुलता है—जहाँ धीरे-धीरे मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ाकर खिलाड़ी को नियंत्रित किया जाता था।
📊 असली खतरा क्या है
खतरा किसी एक ऐप का नहीं, बल्कि अनियंत्रित ऑनलाइन इंटरैक्शन का है। किशोर उम्र में पहचान की तलाश, फैन-कल्चर का आकर्षण और भावनात्मक कमजोरी—इन सबका फायदा उठाकर ऐसे नेटवर्क बच्चों को मानसिक रूप से अलग-थलग कर देते हैं।
👨👩👧 माता-पिता के लिए ज़रूरी सावधानी
- बच्चों से रोज़ खुलकर बातचीत करें
- स्क्रीन-टाइम और चैटिंग पर संवेदनशील निगरानी रखें
- अनजान ऑनलाइन संपर्कों को लेकर स्पष्ट नियम बनाएं
- व्यवहार में बदलाव दिखे तो काउंसलर/विशेषज्ञ से मदद लें
❗ महत्वपूर्ण नोट
यदि कोई बच्चा या किशोर मानसिक दबाव, डर या आत्म-नुकसान की बात करे, तो तुरंत भरोसेमंद वयस्क, काउंसलर या स्थानीय हेल्पलाइन से संपर्क करें। समय पर बात करना और मदद लेना सबसे बड़ा बचाव है।