नए साल पर खाटूश्यामजी जा रहे हैं? पहले पढ़ लें ये अलर्ट, मंदिर कमेटी ने किया सतर्क
नववर्ष और एकादशी के मौके पर खाटूश्यामजी धाम में भारी भीड़ उमड़ने वाली है। इसी को देखते हुए श्रीश्याम मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। VIP दर्शन पर रोक के साथ-साथ भक्तों को ठगी से बचाने के लिए विशेष अलर्ट भी जारी किया गया है।
🟡 1. VIP दर्शन पर 5 जनवरी तक पूरी तरह रोक
खाटूश्यामजी मंदिर में 5 जनवरी तक VIP दर्शन की कोई व्यवस्था नहीं रहेगी। एकादशी और नए साल पर बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर कमेटी ने यह निर्णय लिया है।
🟡 2. VIP दर्शन के नाम पर ठगी से रहें सावधान
VIP दर्शन कराने के नाम पर 500 से 1000 रुपये तक वसूलने वाले लपका गिरोह सक्रिय हो गए हैं। पुलिस ने 22 दिसंबर को बाबा पार्किंग क्षेत्र से ऐसे ही एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं।
🟡 3. 14 लाइनों से होंगे दर्शन
श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि
- दर्शन केवल 14 निर्धारित लाइनों से ही होंगे
- VIP दर्शन का कोई विकल्प मौजूद नहीं है
- किसी भी प्रकार का भुगतान अवैध है
🟡 4. 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक पांच दिवसीय मेला
खाटूश्यामजी में 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक पांच दिवसीय मेला आयोजित किया जा रहा है। अनुमान है कि इस दौरान करीब 15 लाख श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
🟡 5. रींगस से खाटूधाम तक सुरक्षा व्यवस्था
रींगस उपखंड अधिकारी बृजेश गुप्ता की अध्यक्षता में प्रशासनिक बैठक हो चुकी है।
- मेला रींगस से शुरू होकर खाटूश्यामजी धाम तक फैलेगा
- पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है
🟡 6. 24 मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रहीं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने
- देश के अलग-अलग स्टेशनों से
- 24 मेला स्पेशल ट्रेनें
रींगस रेलवे स्टेशन तक संचालित की हैं। स्टेशन प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
🟡 7. मंदिर कमेटी की साफ अपील
मंदिर कमेटी और पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि
- VIP दर्शन के नाम पर पैसे न दें
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें
- केवल आधिकारिक लाइन से ही दर्शन करें
हर साल नए साल और एकादशी पर खाटूश्यामजी में भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में VIP दर्शन के नाम पर ठगी की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। मंदिर कमेटी का यह अलर्ट श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू दर्शन व्यवस्था के लिए बेहद अहम है।