पदभार नहीं मिलने से नाराज़ कठूमर की प्रधान संगम चौधरी जिला परिषद गेट पर धरने पर, विधायक और अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप…
कठूमर पंचायत समिति की प्रधान संगम चौधरी सोमवार को अपने करीब 500 समर्थकों के साथ अलवर जिला परिषद के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गईं। इस दौरान उन्होंने बीजेपी विधायक रमेश खींची, कुछ सरपंचों और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
धरने को संबोधित करते हुए प्रधान संगम चौधरी ने कहा कि न्यायालय से बहाली के आदेश मिलने के बावजूद उन्हें अब तक प्रधान पद का कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी विधायक रमेश खींची अपने कुछ सरपंच समर्थकों के कहने पर उन्हें जानबूझकर पद संभालने से रोक रहे हैं।
प्रधान ने बताया कि निलंबन के बाद न्यायालय से बहाली के स्पष्ट आदेश आ चुके हैं, इसके बावजूद जिला परिषद के सीईओ द्वारा लगातार टालमटोल की गई। न्यायालय के माध्यम से नोटिस भेजने के बाद आदेश तो जारी हुए, लेकिन कठूमर में पदस्थ वीडीओ बीमारी का हवाला देकर वहां से चले गए। इसके बाद अतिरिक्त वीडीओ योगेश ने भी बीमारी का बहाना बनाकर कार्यभार ग्रहण नहीं कराया।
संगम चौधरी ने दोनों अधिकारियों की मेडिकल रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे पदभार ग्रहण करने जाती हैं, उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि मौखिक आदेश हैं कि उन्हें चार्ज नहीं दिया जाए।
विधायक रमेश खींची पर आरोप लगाते हुए प्रधान ने कहा कि विधायक पहले कांग्रेस में थे और तभी से उनके साथ राजनीतिक मतभेद चले आ रहे हैं। इसी रंजिश के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक उन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ होने का आरोप लगाते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि विधायक स्वयं पुराने बीजेपी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं।
प्रधान संगम चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें पदभार संभालने दिया गया तो वे कई सरपंचों की फाइलें खोलेंगी, जिन पर विभिन्न मामलों में आरोप हैं। इसी डर के कारण कुछ सरपंच विधायक के पास जाकर अधिकारियों को प्रभावित कर रहे हैं।
फिलहाल प्रधान संगम चौधरी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जिला परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी हुई हैं और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज करा रही हैं।